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Wednesday, January 26, 2022

मनोज तिवारी ने गाया मंदिर अब बनने लगा है, भगवा रंग चढ़ने लगा है यूपी चुनाव से पहले खूब सुना जा रहा गाना

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2022 की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में सभी पार्टियां वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनाव आयोग ने रैलियों पर तो रोक लगा दी है लेकिन भाजपा ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। बीजेपी सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने चुनाव से पहले वोटरों को लुभाने के लिए शानदार गाना बनाया है। मनोज तिवारी की पकड़ पूर्वांचल में काफी है ऐसे में उनका गाना ‘मंदिर बनने लगा है, भगवा रंग चढने लगा है’ लोगों को खूब पसंद आ रहा है।

विपक्षी पार्टियों पर साधा निशाना

भोजपुरी अभिनेता और गायक मनोज तिवारी का यह गाना ‘मंदिर अब बनने लगा है, भगवा रंग चढ़ने लगा है’ मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल के गाने ‘दिल गलती कर बैठा है’ के तर्ज पर बनाया गया है। बीजेपी नेता ने गाने में काशी के भव्य मंदिर और मथुरा के मंदिर का भी जिक्र किया है। उन्होंने इस गाने के जरिए विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा है।

अपने इस गाने को लेकर मनोज तिवारी ने कहा, हम गायक लोग हैं, सांस्कृतिक व्यक्ति हैं, ऐसे में हम उस रूप में लोगों को संदेश दे रहे हैं। जो चुनाव में लोग नकारात्मक बातें कर रहे हैं, साजिशें तक हो रही हैं, तो हम उससे अलग अपने गानों के जरिए लोगों पर अपनी बात पहुंचा रहे हैं। जल्द ही रवि किशन भी अपना गाना ‘यूपी में सब बा’ गाना लॉन्च करने वाले हैं।

भोजपुरी फिल्मों में गायिकी से लेकर अभिनय और राजनीति तक पहुंचकर अपने पैर जमाने में मनोज तिवारी ने कई उतार चढ़ाव देखे। उन्होंने साल 2004 में ‘ससुरा बड़ा पईसावाला’ से भोजपुरी फिल्मों में डेब्यू किया था।जो लोग थोड़ी बहुत भी भोजपुरी समझते हैं, उनकी जुबान पर मनोज के गाए हुए ‘रिंकिया के पापा’जिया हो बिहार के लाला, गोरिया चांद के अंजोरिया..और ‘हाफ पैंट वाली से. जैसे गाने रहते हैं। मनोज अपने गानों के जरिए चर्चा में रहते हैं।

गायन और अभिनय में जड़ें जमा लेने के बाद मनोज तिवारी राजनीति में भी उतरे। साल 2009 में उन्होंने सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। चुनाव में वो वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ गोरखपुर से लड़े और हार गए थे। साल 2013 में मनोज भाजपा में शामिल हो गए थे। अब यह हाल है कि तिवारी आए दिनों सुर्खियों में बने रहते हैं।

anita
Anita Choudhary is a freelance journalist. Writing articles for many organizations both in Hindi and English on different political and social issues

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