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Tuesday, January 18, 2022

मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा, कहा- सभी विभाग सहयोग एवं समन्वय से करें कार्य

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को ‘इन्वेस्ट राजस्थान 2022‘ की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड की विषम परिस्थितियों से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ ही निवेश एवं रोजगार बढ़ाने में इन्वेस्ट राजस्थान समिट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग पूर्ण सहयोग एवं समन्वय की भावना से कार्य करें, ताकि अभी तक जो निवेश प्रस्ताव आए हैं वे धरातल पर उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए हैं, जिससे राजस्थान में निवेश के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है। राज्य सरकार के इन फैसलों का लाभ समिट के दौरान मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में 24-25 जनवरी को आयोजित होने वाली स्टेट इन्वेस्टर समिट ‘इन्वेस्ट राजस्थान 2022‘ की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समिट की तैयारियां अच्छी हों एवं निवेशकों को विभिन्न स्वीकृतियां प्राप्त करने में आसानी हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने 15 जनवरी तक संबंधित विभागों से जुड़े एमओयू एवं एलओआई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक जो एमओयू एवं एलओआई किए गए हैं, उनकी क्रियान्विती समयबद्ध रूप से हो।

उन्होंने जिला स्तर पर निवेशकों के साथ एमओयू एवं एलओआई के सफल प्रयोग की सराहना की और कहा कि उद्योगों के लिए जमीन आवंटन के मामले में राजस्व विभाग प्रो-एक्टिव होकर कार्य करे। उन्होंने कहा कि निवेशकों को विभिन्न स्वीकृतियां मिलने में परेशानी नहीं हो। साथ ही, जिला कलेक्टर के स्तर पर निवेश के प्रस्तावों के जुड़ी प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए तथा कलेक्टर के माध्यम से आने वाले निवेश प्रस्तावों की पर्याप्त माॅनिटरिंग हो। गहलोत ने कहा कि समिट के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य कोविड प्रोटोकाल का ध्यान रखा जाए। उन्होंने इस समिट को वर्चुअल मोड पर भी रखने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक निवेशक एवं उद्यमी वर्चुअली जुड़ सकें।

बैठक में उद्योग विभाग के सचिव आशुतोष एटी पेडनेकर ने बताया कि अभी तक 6 लाख 16 हजार 462 करोड़ रुपये के कुल एक हजार 454 एमओयू /एलओआई हो चुके हैं, जिनके माध्यम से चार लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। समिट के उद्घाटन सत्र में राजस्थान पैट्रो जोन (पीसीपीआईआर), रिडको, फिनटैक पार्क, नए औद्योगिक जोन एवं नए औद्योगिक क्षेत्रों की लॉन्चिंग होगी। साथ ही निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की करीब 13 नई नीतियां लाॅन्च की जाएंगी।

पेडनेकर ने बताया कि समिट की पूर्व तैयारियों के तहत पिछले दो माह में देश एवं देश से बाहर संभावित निवेशकों से संपर्क किया गया है। नवंबर माह में दुबई एक्सपो के दौरान दुबई में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के साथ ही नए निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए चैन्नई, अहमदाबाद, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद एवं कोलकाता में भी कार्यक्रम आयोजित किये गए। इन कार्यक्रमों में निवेशकों को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित करने के साथ ही राजस्थान को इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि इसी माह विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ भी समिट को लेकर चर्चा की जाएगी।

बैठक में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  प्रताप सिंह खाचरियावास, राजस्व मंत्री रामलाल जाट, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, परिवहन मंत्री बृजेन्द्र सिंह ओला, ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी, कृषि विपणन मंत्री मुरारी लाल मीणा, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा सुबोध अग्रवाल, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की अध्यक्ष वीनू गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अभय कुमार, प्रमुख शासन सचिव वित्त अखिल अरोरा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

anita
Anita Choudhary is a freelance journalist. Writing articles for many organizations both in Hindi and English on different political and social issues

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