नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2025, शनिवार। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में चल रहे ISSF वर्ल्ड कप 2025 में भारत की शानदार निशानेबाज सिफत कौर समरा ने एक ऐसी कहानी लिखी है, जो हर भारतीय के दिल में गर्व का एहसास जगा रही है। महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में सिफत ने न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और शानदार प्रदर्शन से दुनिया को दिखा दिया कि भारत की बेटियां किसी से कम नहीं। 458.6 के स्कोर के साथ उन्होंने न केवल भारत का पहला गोल्ड इस टूर्नामेंट में हासिल किया, बल्कि एक रोमांचक वापसी की मिसाल भी कायम की।
शुरुआत से शिखर तक का रोमांचक सफर
23 साल की यह ओलंपियन निशानेबाज फाइनल में उस वक्त चर्चा में आईं, जब उन्होंने मुश्किल हालात से उबरकर जीत का परचम लहराया। फाइनल की शुरुआत में नीलिंग और प्रोन पोजिशन के बाद सिफत 8वें स्थान पर थीं। ऐसा लग रहा था कि शायद इस बार पदक उनके हाथ से फिसल जाए। लेकिन सिफत ने हार नहीं मानी। स्टैंडिंग पोजिशन में उन्होंने ऐसा कमाल दिखाया कि न सिर्फ अपनी रैंकिंग में सुधार किया, बल्कि सीधे शीर्ष पर पहुंच गईं। यह उनके धैर्य, कौशल और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन था।
फाइनल में जर्मनी की अनिता मंगोल्ड को 455.3 के स्कोर के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि कजाकिस्तान की अरीना अल्तुखोवा 445.9 के स्कोर के साथ कांस्य पदक तक सीमित रहीं। सिफत का यह स्वर्णिम प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 590-35x के शानदार स्कोर के साथ टॉप किया था। यह स्कोर इतना प्रभावशाली था कि ओलंपिक चैंपियन जैसे बड़े नाम भी फाइनल तक नहीं पहुंच सके।
सिफत की जीत का जादू
सिफत कौर समरा की यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है। फाइनल में उनकी वापसी ने साबित कर दिया कि खेल में तकनीक के साथ-साथ मानसिक मजबूती कितनी जरूरी है। पहले 15 शॉट्स के बाद वह जर्मनी की अनिता से 7.2 अंक पीछे थीं। लेकिन प्रोन पोजिशन में उन्होंने अपनी लय पकड़ी और स्टैंडिंग पोजिशन में तो जैसे कमाल ही कर दिया। 45 शॉट्स के इस फाइनल में सिफत ने हर पल को अपने हक में मोड़ा और आखिरकार 458.6 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
भारत के लिए गर्व का पल
यह जीत भारत के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि यह ISSF वर्ल्ड कप 2025 के सीजन की शुरुआत में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। सिफत ने न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की, बल्कि देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। उनके इस प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि भारतीय निशानेबाजी अब विश्व स्तर पर एक मजबूत दावेदार बन चुकी है।
सिफत: एक उभरता सितारा
पंजाब के फरीदकोट की रहने वाली सिफत कौर समरा पहले भी अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुकी हैं। एशियाई खेलों में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली सिफत ने अपनी प्रतिभा को बार-बार साबित किया है। उनकी यह जीत नई पीढ़ी के लिए एक मिसाल है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
आगे की राह
ISSF वर्ल्ड कप 2025 अभी जारी है और भारत के अन्य निशानेबाजों से भी पदकों की उम्मीदें हैं। सिफत की इस जीत ने टूर्नामेंट में भारत के अभियान को शानदार शुरुआत दी है। अब नजरें अगले इवेंट्स पर टिकी हैं, जहां भारतीय दल और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है।
सिफत कौर समरा की यह स्वर्णिम सफलता न सिर्फ एक खेल उपलब्धि है, बल्कि भारत की बेटियों की ताकत और संकल्प का प्रतीक है। उनकी यह जीत हर उस सपने को हकीकत में बदलने की प्रेरणा देती है, जो मेहनत और हौसले के साथ देखा जाता है। सिफत को इस शानदार उपलब्धि के लिए news adda india की ओर से ढेर सारी बधाइयां और भविष्य के लिए शुभकामनाएं!