देहरादून, 2 अप्रैल 2025, बुधवार। उत्तराखंड के युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस ने साल 2025 की अपनी बहुप्रतीक्षित ‘100 सबसे ताकतवर भारतीय’ सूची जारी की है, जिसमें धामी ने 32वां स्थान हासिल किया है। पिछले साल 61वें पायदान पर रहे धामी की रैंकिंग में इस बार जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, जो उनके नेतृत्व और कार्यशैली का जीता-जागता सबूत है। यह उपलब्धि न केवल धामी के लिए, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।
रैंकिंग के पीछे की कहानी
इंडियन एक्सप्रेस ने धामी की इस शानदार छलांग के पीछे उनके पिछले एक साल के कार्यकाल को आधार बनाया है। इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने का ऐतिहासिक कदम। अखबार ने इसे ‘गेम चेंजर’ करार देते हुए कहा कि उत्तराखंड का यूसीसी मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए एक ब्ल्यू प्रिंट बन गया है। इसका असर इतना गहरा है कि गुजरात जैसे राज्य ने भी अपने यहां यूसीसी लागू करने के लिए कमेटी गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके अलावा, धामी को राज्य में राजनीतिक स्थिरता लाने का भी श्रेय दिया गया। 2017 से 2022 के बीच उत्तराखंड में तीन-तीन मुख्यमंत्री बदले गए थे, लेकिन धामी के नेतृत्व में यह अस्थिरता खत्म हुई और राज्य विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा। अखबार ने राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने की उनकी दूरदर्शिता की भी तारीफ की। साथ ही, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की शानदार जीत को धामी की कुशल रणनीति का परिणाम बताया गया। अब उनका अगला लक्ष्य 2027 का विधानसभा चुनाव है, जिसमें वे और मजबूत प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हैं।
क्यों खास है यह लिस्ट?
इंडियन एक्सप्रेस हर साल देश की उन 100 हस्तियों को चुनता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो। यह सूची राजनीति, प्रशासन, उद्योग, सिनेमा, खेल और कला जैसे विविध क्षेत्रों को समेटती है। इस साल की लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर हैं, गृहमंत्री अमित शाह दूसरे, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत चौथे, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, एनएसए अजित डोभाल, क्रिकेटर रोहित शर्मा और विराट कोहली, शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद, साउथ के सुपरस्टार विजय और अल्लू अर्जुन, बॉलीवुड के शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे नाम शामिल हैं। कई राज्यों के मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता भी इस सूची का हिस्सा हैं।
युवा शक्ति का प्रतीक
49 साल की उम्र में धामी इस लिस्ट में सबसे युवा और प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। 50 से कम उम्र के गिने-चुने राजनीतिक चेहरों में उनका नाम शामिल होना उनकी दूरदर्शिता और ऊर्जा का प्रमाण है। धामी ने न केवल उत्तराखंड को एक नई पहचान दी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है।
उत्तराखंड का गौरव, धामी का नेतृत्व
पुष्कर सिंह धामी की यह उपलब्धि उनके दृढ़ संकल्प और जनसेवा के प्रति समर्पण का नतीजा है। समान नागरिक संहिता जैसे साहसिक फैसले, राजनीतिक स्थिरता और विकासोन्मुखी नीतियों के जरिए उन्होंने न सिर्फ उत्तराखंड को मजबूत किया, बल्कि देश के सामने एक मिसाल पेश की। 32वां स्थान कोई साधारण उपलब्धि नहीं है; यह उस शख्सियत का सम्मान है, जो पहाड़ों की चुनौतियों को अवसर में बदल रहा है। धामी का यह सफर न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि मेहनत और नीयत सही हो, तो ऊंचाइयां छूना मुश्किल नहीं!