राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोगों से भारत को क्षयरोग मुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में गुजरात सबसे आगे चल रहा है। जबकि मेघालय सरकार ने राज्य के 4500 क्षय रोग के मरीजों को गोद ले लिया है, ताकि सौ दिन के सघन अभियान में भारत को टीबी-मुक्त बनाया जाए।
विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के लिए दिए अपने संदेश में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि इस दिन का उद्देश्य जनता को क्षयरोग के वैश्विक प्रभाव के बारे में जागरूक करना, बीमारी को नियंत्रित करने संबंधी चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और इसे रोकने के प्रयासों का समर्थन करना है।
राष्ट्रपति ने की अपील
राष्ट्रपति ने कहा, ‘यह दिन हमें क्षय रोग की शीघ्र पहचान, उपचार और रोकथाम के महत्व की भी याद दिलाता है। मैं सभी से भारत को क्षयरोग मुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करने और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी प्रयास करने का आह्वान करती हूं।’
विश्व क्षय रोग दिवस हर साल 24 मार्च को क्षयरोग पर जन जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। डॉ. राबर्ट कोच ने 1882 में इसी दिन क्षयरोग का कारण बनने वाले जीवाणु की खोज की थी। इसी तरह, गुजरात ने नीति आयोग के टीबी के खात्मे के लक्ष्य को 95 प्रतिशत तक हासिल कर लिया है। वह इस लक्ष्य को साधने में अव्वल प्रदेश रहा है।