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Wednesday, January 19, 2022

आज से लगेगी एहतियाती खुराक, फ्रंटलाइन वर्कर और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा लाभ

देश के स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और गंभीर रूप से बीमार वरिष्ठ नागरिकों को सोमवार यानी आज से एहतियाती खुराक लगना शुरू हो जाएगी। सरकार ने सभी राज्यों में इसकी तैयारी पूरी कर ली है। शनिवार रात से ही कोविन वेबसाइट पर अपॉइंटमेंट मिलना भी शुरू हो गया था। साथ ही जिन लोगों को एहतियात खुराक लेने का समय आ चुका है उन्हें कोविन की ओर से फोन पर मैसेज भी भेजे जा रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि 10 जनवरी से देश में एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मी, तीन करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर और 2.75 करोड़ पहले से बीमार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना वैक्सीन की एहतियात खुराक मिलना शुरू होगी।

एहतियात खुराक उसी वैक्सीन की मिलेगी जिसकी दो खुराक पहले ली गई हों। इसके अलावा दूसरी खुराक लेने के नौ माह पूरे होने के बाद ही एहतियात खुराक ली जा सकती है। इसके लिए अलग से किसी भी प्रकार का पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। पुराने पंजीयन के आधार पर ही तीसरी खुराक इन्हें मिल जाएगी।

मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि कोविन वेबसाइट को अपडेट कर दिया गया है। साथ ही फोन पर मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। इन लाभार्थियों में से अगर किसी को मैसेज नहीं मिला है तो वह खुद से अपनी दूसरी खुराक के बीच अंतर देख लें।

अगर नौ माह पूरे हुए हैं तो वे सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर अपना मोबाइल नंबर बताएं और वैक्सीन की एहतियात खुराक प्राप्त कर लें। ध्यान रहे कि मोबाइल नंबर वही बताएं जिसके जरिए पहले पंजीयन कराया गया था।

इनके अलावा अगर स्वास्थ्य कर्मचारियों की बात करें, तो सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को अपने अपने स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण करने के निर्देश जारी हो चुके हैं। ये कर्मचारी अपने अस्पतालों में वैक्सीन ले सकते हैं या फिर अन्य टीकाकरण केंद्रों पर जाकर भी इन्हें वैक्सीन मिल सकता है।

दरअसल, देश में अभी 15 वर्ष या उससे ऊपर की आबादी का कोरोना टीकाकरण किया जा रहा है। बीते तीन जनवरी से देश में 15 से 17 वर्ष की आयु वालों का टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक 2.50 करोड़ से अधिक किशोर पहली खुराक ले चुके हैं, जबकि 63 करोड़ व्यस्क आबादी दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा कर चुकी है।

anita
Anita Choudhary is a freelance journalist. Writing articles for many organizations both in Hindi and English on different political and social issues

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