देहरादून, 4 अप्रैल 2025, शुक्रवार। नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और उत्तराखंड में व्रत के खाने की शुद्धता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कमर कस ली है। कुट्टू के आटे से लेकर साबूदाना तक, हर उस चीज़ पर पैनी नज़र है जो आपके व्रत की थाली का हिस्सा बनती है। राज्यभर में चल रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत खाद्य विभाग ने गुणवत्ता की कसौटी पर खरे उतरने की ठान ली है। तो आइए, जानते हैं कि कैसे यह अभियान आपके व्रत को सुरक्षित और शुद्ध बना रहा है!
147 प्रतिष्ठानों पर छापे, 17 नमूने जांच के लिए रवाना
खाद्य संरक्षा आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि 4 अप्रैल को पूरे उत्तराखंड में 147 खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। गढ़वाल मंडल में 75 दुकानों का निरीक्षण हुआ, जहां से 11 नमूने लिए गए। इनमें कुट्टू का आटा, सूजी, खाद्य तेल, सेंधा नमक, चीनी, चौलाई लड्डू, फलाहारी नमकीन, साबूदाना, काला नमक और सत्तू शामिल हैं। वहीं, कुमाऊं मंडल के 72 प्रतिष्ठानों की जांच हुई, जहां से 6 नमूने संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को राजकीय खाद्य विश्लेषणशालाओं में भेजा गया है, और जल्द रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
डॉ. कुमार ने कहा, “कुट्टू के संदूषित आटे से जनस्वास्थ्य को बड़ा खतरा हो सकता है। इसलिए हम कोई ढील नहीं बरत रहे।” यह अभियान नवरात्रि के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाना सुनिश्चित करने का वादा करता है।
खुले कुट्टू का आटा गायब, व्यापारी नियमों के साथ
कुमाऊं मंडल के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चम्पावत में चलाए गए सघन अभियान में एक राहत की बात सामने आई—कहीं भी खुले कुट्टू के आटे की बिक्री नहीं पाई गई। यह दिखाता है कि व्यापारी खाद्य विभाग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं। रामनगर से साबूदाना, सत्तू और काला नमक, बागेश्वर से कुट्टू का पैक्ड आटा व सूजी, और चम्पावत से साबूदाना के नमूने जांच के लिए रुद्रपुर की विश्लेषणशाला भेजे गए।
उपायुक्त डॉ. राजेंद्र सिंह कबायत ने नैनीताल में खुद निरीक्षण किया और व्यापारियों को साफ चेतावनी दी, “केवल शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री बेचें, वरना कड़ी कार्रवाई होगी।” यह सख्ती इस बात का सबूत है कि विभाग जनता की सेहत से कोई समझौता नहीं करेगा।
मिलावटखोरों पर सख्त एक्शन का वादा
खाद्य विभाग ने साफ कर दिया है कि जांच रिपोर्ट में अगर कोई नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरा, तो संबंधित व्यापारियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ा एक्शन लिया जाएगा। चाहे वह कुट्टू का आटा हो या सेंधा नमक, मिलावट की गुंजाइश को जड़ से खत्म करने की तैयारी है। यह अभियान न सिर्फ नवर PropTypesवरात्रि तक चलेगा, बल्कि आगे भी सतर्कता बरती जाएगी।
व्रत में शुद्धता की गारंटी
नवरात्रि का व्रत सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि सेहत का भी हिस्सा है। कुट्टू का आटा, साबूदाना, और सेंधा नमक जैसे खाद्य पदार्थ इस दौरान हर घर की रसोई में पहुंचते हैं। लेकिन अगर इनमें मिलावट हो, तो व्रत का मकसद अधूरा रह जाता है। उत्तराखंड खाद्य विभाग का यह अभियान हर थाली तक शुद्धता पहुंचाने का संकल्प है। 147 प्रतिष्ठानों की जांच और 17 नमूनों का विश्लेषण इस बात का सबूत है कि आपका व्रत अब सुरक्षित हाथों में है।
पहाड़ों से मैदानों तक: एक नई पहल
देहरादून से लेकर कुमाऊं और गढ़वाल तक, यह अभियान पूरे राज्य में फैल रहा है। खुले कुट्टू के आटे की बिक्री पर रोक और पैक्ड सामानों की सख्त जांच से व्यापारियों में भी जागरूकता बढ़ी है। नवरात्रि के इस पावन मौके पर खाद्य विभाग की यह मुहिम न सिर्फ सेहत की रक्षा कर रही है, बल्कि त्योहार के उत्साह को भी दोगुना कर रही है। तो इस बार व्रत कीजिए, मनाइए नवरात्रि, और भरोसा रखिए—आपका खाना शुद्ध और सुरक्षित रहेगा!