मुंबई, 24 मार्च 2025, सोमवार। मुंबई की सड़कों पर एक बार फिर हंगामा छा गया, जब स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के एक व्यंग्य ने महाराष्ट्र की सियासत को गरमा दिया। कुणाल ने अपने हालिया शो में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसा और उन्हें “गद्दार” कहकर निशाना साधा। यह मजाक शिंदे समर्थकों को नागवार गुजरा, जिसके बाद गुस्साए शिवसैनिकों ने मुंबई के खार इलाके में उस स्टूडियो और होटल में तोड़फोड़ मचा दी, जहां यह शो फिल्माया गया था। इस घटना ने न सिर्फ शहर में तनाव पैदा किया, बल्कि सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी।
कुणाल कामरा ने अपने शो में फिल्म “दिल तो पागल है” के मशहूर गाने “भोली सी सूरत” को मजेदार अंदाज में पेश किया। उन्होंने गीत की पंक्तियों को बदलकर कुछ इस तरह गाया, “मेरी नजर से तुम देखो तो गद्दार नजर वो आए, हाय!” यह तंज शिंदे के 2022 में शिवसेना में की गई बगावत और उद्धव ठाकरे से अलग होने की घटना की ओर इशारा था। दर्शकों ने इस पर खूब ठहाके लगाए, लेकिन यह हंसी शिंदे गुट के लिए भारी पड़ गई। कुणाल ने यह वीडियो अपने सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिसके बाद यह वायरल हो गया।
शिंदे समर्थकों का गुस्सा और तोड़फोड़
वीडियो के वायरल होते ही शिंदे समर्थक शिवसैनिक हरकत में आ गए। रविवार को खार के “द यूनिकॉन्टिनेंटल” होटल में पहुंचकर उन्होंने वहां जमकर तोड़फोड़ की। स्टूडियो की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कुणाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। शिवसेना नेता राहुल कनाल ने खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कुणाल के साथ-साथ शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, आदित्य ठाकरे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी नाम शामिल किया गया। शिंदे गुट का आरोप है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका मकसद एकनाथ शिंदे की छवि को धूमिल करना था।
शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कुणाल को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “कुणाल कामरा एक किराए का कॉमेडियन है, जो उद्धव ठाकरे से पैसे लेकर शिंदे पर हमला कर रहा है। हम सुनिश्चित करेंगे कि वह देश में कहीं भी आजादी से घूम न सके।” वहीं, शिवसेना नेता मिलिंद देवरा ने इसे “वर्ग भेदी अहंकार” करार देते हुए कहा कि शिंदे जैसे मेहनती नेता का मजाक उड़ाना ठीक नहीं।
संजय राउत का पलटवार
इस पूरे विवाद में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कुणाल का समर्थन किया। उन्होंने वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, “कुणाल का कमाल, जय महाराष्ट्र!” साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा, “कुणाल ने महाराष्ट्र की सियासत पर एक व्यंग्यात्मक गीत लिखा, जिससे शिंदे गुट भड़क गया और स्टूडियो तोड़ दिया। देवेंद्र जी, आप कमजोर गृहमंत्री हैं!” राउत के इस बयान ने मामले को और तूल दे दिया।
आदित्य ठाकरे ने भी इसे शिंदे गुट की “कायरता” करार दिया। उन्होंने कहा, “शिंदे की कायर टोली ने उस मंच को तोड़ा, जहां कुणाल ने सच बोला था। सिर्फ असुरक्षित लोग ही एक गाने पर ऐसा रिएक्शन देंगे।”
आजादी या अराजकता?
यह घटना एक बार फिर अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठा रही है। कुणाल कामरा पहले भी अपने बेबाक अंदाज के लिए विवादों में रहे हैं। उनके समर्थक इसे हास्य और सच्चाई का मिश्रण मानते हैं, जबकि विरोधी इसे अपमानजनक बताते हैं। इस बीच, मुंबई पुलिस ने तोड़फोड़ की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक FIR दर्ज नहीं हुई है।
महाराष्ट्र की सियासत में पहले से ही उथल-पुथल मची हुई है, और कुणाल का यह तंज उस आग में घी डालने का काम कर गया। अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक कॉमेडियन का मजाक था, या इसके पीछे कोई बड़ा सियासी खेल छिपा है? फिलहाल, मुंबई की गलियों में यह चर्चा जोरों पर है, और शिंदे गुट का गुस्सा ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा।