11.1 C
Delhi
Monday, January 24, 2022

जो बाइडन ने आश्वस्त किया – अगर रूस यूक्रेन पर आक्रमण करता है तो अमेरिका निर्णायक और करारा जवाब देगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को अपने यूक्रेनी समकक्ष वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को आश्वस्त किया कि अगर रूस यूक्रेन पर आक्रमण करने के लिए आगे बढ़ता है तो अमेरिका निर्णायक और करारा जवाब देगा।  व्हाइट हाउस ने इसकी जानकारी दी है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि यूक्रेन की सीमाओं पर रूसी सैन्य बिल्डअप के साथ बाइडन ने एक फोन कॉल के दौरान राष्ट्रपति जेलेंस्की को स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी निर्णायक रूप से जवाब देंगे यदि रूस यूक्रेन पर और आक्रमण करता है। राष्ट्रपति बाइडन ने यूक्रेन के राजनयिक प्रयासों के लिए समर्थन व्यक्त किया, जो कि अगले सप्ताह द्विपक्षीय रणनीतिक स्थिरता वार्ता के साथ शुरू होगा। जेलेंस्की के साथ अपने कॉल में बाइडन ने यूक्रेन को उसके भविष्य के बारे में चर्चा करते हुए ‘आपके बिना आपके बारे में कुछ भी नहीं’ के सिद्धांत के लिए वाशिंगटन की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

यूक्रेन सीमा पर रूसी सैन्य निर्माण और चल रहे तनाव के बीच 10 जनवरी को जिनेवा में रूसी और अमेरिकी अधिकारियों के व्यक्तिगत रूप से मिलने के कुछ दिन पहले यह  बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जेलेंस्की ने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ भी इस मुद्दे पर बात की थी।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जो बाइडन का शुक्रिया अदा किया
जेलेंस्की ने बाद में ट्वीट कर संयुक्त राज्य अमेरिका के अटूट समर्थन की सराहना की और कहा कि यह कॉल दोनों देशों के संबंधों की विशेष प्रकृति को साबित करता है। बता दें कि उच्च पदस्थ अमेरिकी और रूसी अधिकारी संकट पर चर्चा के लिए 9 और 10 जनवरी को जिनेवा में बैठने वाले हैं। यूक्रेन में तनाव बढ़ने के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में बाइडन ने पुतिन से बात की थी, दोनों नेताओं ने तीन सप्ताह में फोन पर दूसरी बातचीत की थी।

पुतिन और बाइडन के बीच बीते शुक्रवार को हुई थी बात
बीते शुक्रवार को जहां बाइडन ने पुतिन से कहा कि आगामी बातचीत तभी कारगर हो सकती है जब रूसी नेता तनाव घटाने के लिए कदम आगे बढ़ाएं जबकि रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यदि रूस पर हमला किया गया तो नतीजे गंभीर होंगे। अब 9 व 10 जनवरी को यूक्रेन सीमा पर रूस के एक लाख सैनिकों की तैनाती पर चर्चा की जाएगी लेकिन आपसी मतभेद के चलते इसमें कोई हल निकल पाए, यह मुश्किल दिख रहा है।

anita
Anita Choudhary is a freelance journalist. Writing articles for many organizations both in Hindi and English on different political and social issues

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,131FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles