नई दिल्ली, 21 मार्च 2025, शुक्रवार। नोएडा शहर के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है चिल्ला एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट, जिसका भूमि पूजन नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम ने हाल ही में किया। नारियल फोड़कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य की शुरुआत की गई, जो नोएडा के लोगों के लिए ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने का वादा करती है। इस मौके पर नोएडा प्राधिकरण के सभी उच्च अधिकारी मौजूद रहे, जिससे इस परियोजना की महत्ता और स्पष्ट हो गई।
6 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड, 800 करोड़ की लागत
चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक बनने वाला यह एलिवेटेड रोड लगभग 6 किलोमीटर लंबा होगा। करीब 800 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में रखा गया है। नोएडा सेक्टर 14A के पास शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य नोएडा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जाम से मुक्ति, लाखों लोगों को राहत
चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक का रास्ता अक्सर भीषण जाम की चपेट में रहता है। रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं और ट्रैफिक की समस्या स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। इस एलिवेटेड रोड के बनने के बाद न केवल वाहनों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि प्रतिदिन लाखों लोगों को जाम की परेशानी से राहत मिलेगी। यह प्रोजेक्ट नोएडा के शहरी विकास और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
नोएडा प्राधिकरण की प्रतिबद्धता
भूमि पूजन के दौरान सीईओ लोकेश एम ने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि यह एलिवेटेड रोड नोएडा के ट्रैफिक प्रबंधन को नई दिशा देगा और शहर को और आधुनिक बनाने में सहायक होगा। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देते हुए इसके निर्माण में किसी भी तरह की देरी न होने देने का आश्वासन दिया।
नोएडा के लिए एक नया अध्याय
चिल्ला एलिवेटेड रोड का शुभारंभ नोएडा के विकास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक की समस्या को हल करेगी, बल्कि शहर की कनेक्टिविटी को भी बढ़ाएगी। आने वाले दिनों में यह एलिवेटेड रोड नोएडा वासियों के लिए सुविधा और गर्व का प्रतीक बनकर उभरेगा।
नोएडा प्राधिकरण और सीईओ लोकेश एम के नेतृत्व में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट शहर के भविष्य को और उज्जवल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह परियोजना कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से अपने लक्ष्य को हासिल करती है।