लखनऊ, 10 फरवरी 2025, सोमवार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाकुंभ में योगी आदित्यनाथ सरकार पर बदइंतजामी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जाम में फँसे लोग अपने वाहनों में घंटों से क़ैद हैं, महिलाओं के लिए दैनंदिनी ज़रूरतों के लिए कोई स्थान नहीं है, और बेसुध हो रहे लोगों की देखभाल का कोई इंतजाम नहीं है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं के मोबाइल फ़ोन की बैटरी ख़त्म हो गयी है, जिससे उनका अपने लोगों से संपर्क टूट गया है। संपर्क और सूचना के अभाव में लोगों में बेचैनी बढ़ गयी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हालातों पर क़ाबू पाने के लिए कोई ज़िम्मेदार मंत्री या व्यक्ति नहीं दिखाई दे रहा है।
इसके अलावा, अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री तो पूरी तरह से नाकाम साबित हो ही चुके हैं, साथ ही प्रयागराज से संबंधित उपमुख्यमंत्री और कई जानेमाने मंत्रीगण नदारद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो सिपाही, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी या सफ़ाईकर्मी दिनरात निष्ठापूर्वक भूखे-प्यासे डटे हैं, उनके भोजन पानी की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।
महाकुंभ में बदइंतजामी को लेकर अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में फँसे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए तुरंत आपातकालीन व्यवस्था की जाए। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का अंबार देखते हुए किस योग्य व्यक्ति को शासन की कमान दे दी जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उप्र सरकार असफल हो चुकी है और वह अहंकार से भरे झूठे विज्ञापन में ही दिख रही है लेकिन सच में ज़मीन पर नदारद है। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रयागराज में चतुर्दिक जाम की वजह से न तो खाने-पीने के लिए खाद्यान्न और सब्ज़ी मसाले उपलब्ध हो पा रहे हैं और न ही दवाई, पेट्रोल-डीज़ल। इससे प्रयागराज व महाकुंभ परिसर तथा प्रयागराज आने-जानेवाले मार्गों पर फँसे करोड़ों भूखे-प्यासे, थके-हारे श्रद्धालुओं की हालत हर घंटे बद से बदतर होती जा रही है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि आम श्रद्धालु क्या इंसान नहीं है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ सरकार श्रद्धालुओं की स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे राज्यों में सांविधानिक तंत्र फ़ेल हो जाने पर कमान किसी और को दे दी जाती है वैसे ही महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का अंबार देखते हुए किस योग्य व्यक्ति को शासन की कमान दे दी जाए।