नई दिल्ली, 5 मार्च 2025, बुधवार। औरंगजेब का महिमामंडन करने को लेकर महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी पर बड़ी कार्रवाई की गई है। औरंगजेब से जुड़ी टिप्पणी मामले में उन्हें विधानसभा के मौजूदा सत्र से निलंबित कर दिया गया है। महाराष्ट्र के संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सदन में उनके खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। सदन ने प्रस्ताव को पारित कर दिया। दूसरी ओर, बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि आजमी को विधायकी से हटाना चाहिए ना कि सिर्फ एक सत्र के लिए उन्हें सस्पेंड करना चाहिए। छत्रपति शिवाजी पूजनीय हैं और उनका अपमान करने वालों को हम आसानी से जाने नहीं दे सकते।
हालांकि, चंद्रकांत पाटिल ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक विधायकों को एक सत्र से अधिक समय तक के लिए सस्पेंड नहीं किया जा सकता। हम इसका आकलन करने के लिए समिति का गठन करेंगे कि क्या विधायक के तौर पर आजमी को उनकी सदस्यता से सस्पेंड किया जा सकता है या नहीं? मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ कर सपा नेता अबू आजमी विवादों में घिर गए हैं और राज्य की राजनीति का केंद्र बन गए हैं। उनके बयान को लेकर लगातार विरोध के बीच उन्हें विधानसभा के पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस सत्र के दौरान अबु आसिम आजमी के विधानसभा परिसर में घुसने पर भी पाबंदी रहेगी।
लगातार विरोध के बाद आजमी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा, मैंने औरंगजेब के बारे में जो कुछ भी कहा, वह इतिहासकारों और लेखकों के कथन के आधार पर कहा। मैंने शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या किसी महापुरुष के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की। फिर भी अगर किसी को मेरी टिप्पणी से ठेस पहुंची है, तो मैं अपने बयान और टिप्पणियां वापस लेता हूं। विवाद तब शुरू हुआ जब महाराष्ट्र विधानसभा सत्र की शुरुआत में मुंबई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अबू आज़मी ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के ज़रिए राहुल गांधी और ममता बनर्जी की तुलना औरंगज़ेब से किए जाने पर प्रतिक्रिया दी।
अबू आज़मी ने दावा किया था, औरंगज़ेब ने कई मंदिर बनवाए। वाराणसी में उसने एक हिंदू लड़की को एक पुजारी से बचाया था, जिसकी उस पर बुरी नज़र थी। उसने पुजारी को हाथियों से कुचलवा दिया था। उन्होंने आगे कहा था, मैं औरंगज़ेब को क्रूर शासक नहीं मानता। उस दौर में सत्ता संघर्ष धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक होता था. औरंगज़ेब की सेना में कई हिंदू थे, ठीक उसी तरह जैसे छत्रपति शिवाजी की सेना में कई मुसलमान थे।
अबू आजमी को यूपी भेज दो, इलाज कर देंगे
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी द्वारा औरंगजेब के मुद्दे पर दिए बयान पर उत्तर प्रदेश में भी सियासत जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी औरंगजेब को आदर्श मान रही है। औरंगजेब का पिता शाहजहां अपनी जीवनी में लिखता है कि खुदा करे कि ऐसा कमबख्त किसी को पैदा न हो। उसने आगरा के किले में अपने बाप को कैद करके रखा। उस कमबख्त को पार्टी से निकालो। उसको एक बार यूपी भेज दो, उपचार हम कर देंगे। क्या उसको भारत के अंदर रहने का अधिकार होना चाहिए? समाजवादी पार्टी को इस पर जवाब देना चाहिए अबू आजमी को पार्टी से क्यों नहीं निकालते? सीएम ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मित्रों से कहना चाहता हूं कि भारत की विरासत पर आप गौरव की अनुभूति नहीं करते, कम से कम राम मनोहर लोहिया की बात मान लेते। उन्होंने कहा था कि भारत के एकात्मकता के तीन आधार हैं – भगवान राम, भगवान शिव और भगवान कृष्ण।