नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2025, बुधवार। 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस बिल को सरकार की नाकामियों को छिपाने का हथकंडा करार दिया और कहा कि बीजेपी की नजर वक्फ की जमीनों पर है। अखिलेश ने इसे लेकर सवालों की बौछार करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।
“नाकामी का बिल है ये”
सदन में अपनी बात रखते हुए अखिलेश ने कहा, “ये बिल नाकामियों का ढाल है। सरकार ने नोटबंदी की, लेकिन आज भी नोट कहां-कहां से निकल रहे हैं? किसानों की हालत सुधरी? महंगाई कम हुई? गंगा साफ हुई? स्मार्ट सिटी बनी? नहीं न! हर बार नाकामी छिपाने के लिए कोई नया पर्दा ढूंढा जाता है, इस बार वक्फ बिल वो पर्दा बन गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि जिनकी बात सुनी जानी चाहिए थी, उनकी आवाज को दरकिनार कर दिया गया।
“वक्फ से बड़ा मुद्दा चीन का कब्जा”
अखिलेश ने वक्फ की जमीन से बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा, “वक्फ की जमीन पर नजर डालने से पहले सरकार उस जमीन की बात करे, जहां चीन ने गांव बसा लिए हैं।” उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि रेलवे और डिफेंस की जमीनें बेची जा रही हैं, लेकिन वक्फ की जमीन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। “वक्फ भी भारत का हिस्सा है। इस बिल के जरिए मुसलमानों के अधिकार छीने जा रहे हैं। नीयत और नीति, दोनों में खोट है।”
महाकुंभ और बीजेपी की सोच पर सवाल
अखिलेश ने महाकुंभ को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “बीजेपी ने कुंभ को लेकर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन वहां लोगों की जान चली गई। जिनकी मौत हुई, उनके बारे में सरकार क्या कहेगी? जो 1,000 हिंदू गायब हुए, उनका क्या हुआ? धर्म को कारोबार की चीज नहीं बनाया जा सकता। कुंभ कोई बाजार नहीं है।” उन्होंने बीजेपी की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी हर मौके को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करती है।
“वोट बैंक की राजनीति”
सपा अध्यक्ष ने बीजेपी पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जब से वोटों में गिरावट आई, बीजेपी इसे संभालने की जुगत में लगी है। वक्फ की जमीनों पर नजर है, ताकि अपने लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके। ज्यादातर पार्टियां इस बिल के खिलाफ हैं, फिर भी बीजेपी इसे क्यों थोप रही है? ये मुसलमानों में भी बंटवारा करना चाहती है।” अखिलेश ने बीजेपी को अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि इसके पहले के बिलों से भी देश में कोई बदलाव नहीं आया।
“ईद पर पाबंदी क्यों?”
अखिलेश ने हाल की ईद का जिक्र करते हुए सवाल उठाया, “कुछ दिन पहले ईद थी, लेकिन इस बार पाबंदी क्यों लगी? मंत्री जी को जवाब देना चाहिए। बीजेपी हर नए बिल के साथ अपनी नाकामी छिपाती है।” उन्होंने सरकार से जवाब मांगते हुए माहौल को और गर्म कर दिया।
एक नई बहस की शुरुआत
अखिलेश यादव के इस हमले ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर संसद में चल रही बहस को नया रंग दे दिया। उन्होंने न सिर्फ बिल की मंशा पर सवाल उठाए, बल्कि चीन के कब्जे, कुंभ की नाकामी और वोट बैंक की राजनीति जैसे मुद्दों को जोड़कर सरकार को बैकफुट पर लाने की कोशिश की। यह देखना बाकी है कि बीजेपी इन सवालों का जवाब कैसे देती है, लेकिन फिलहाल अखिलेश ने अपनी बात से सदन और सड़क, दोनों पर चर्चा छेड़ दी है।