मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रदेश में निजी इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। प्रदेश में खरीदे गए पहले पांच हजार निजी दो पहिया वाहनों को प्रति वाहन 7500 रुपये और एक हजार निजी चौपहिया वाहनों पर प्रति वाहन 50 हजार रुपये की सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा बृहस्पतिवार को हिमालय दिवस पर आयोजित ऑनलाइन वेबिनार में की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निजी इलेक्ट्रिक दो पहिया व चार पहिया वाहनों की खरीद पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यह प्रोत्साहन राशि देगा।

दो पहिया वाहनों के लिए वाहन मूल्य का 10 प्रतिशत या 7500 रुपये, जो भी कम हो और चार पहिया वाहनों के लिए वाहन के मूल्य का पांच प्रतिशत अथवा 50 हजार, जो भी कम हो, देय होगा। प्रोत्साहन की धनराशि बैक एंडेड सब्सिडी के रूप में डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक व वित्तीय संस्थाओं या डीलर को उपलब्ध कराई जाएगी।

अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि राज्य स्तर और जिला स्तर पर पर्यावरण योजना बनाने पर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम हिमालय यूनाइटेड मिशन (हम) की पुस्तक ‘हिमालय दिवस’ का विमोचन किया गया। वेबिनार में अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, विशेष सचिव डॉ.पराग मधुकर धकाते, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

चार्जिंग स्टेशनों से दो साल तक घरेलू दर पर विद्युत अधिभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए स्थापित किए जाने वाले चार्जिंग स्टेशन के विद्युत अधिभार को दो वर्षों तक के लिए घरेलू श्रेणी में रखा जाएगा। यह लाभ स्थापित होने वाले पहले 250 चार्जिंग स्टेशन के लिए मिलेगा। चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए सभी व्यक्ति या संस्था मान्य होंगी। जिनके पास पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा व स्थानीय नगर निकाय की अनुमति प्राप्त होगी।

हिमालय राज्यों संग सम्मेलन पर विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमालयी राज्यों के साथ सम्मेलन करने पर विचार कर रही है। हिमालय एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए हम सभी को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी होगी। राज्य सरकार, प्रसिद्ध पर्यावरणविद स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा की स्मृति में ‘सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार’ प्रारंभ करने जा रही है।

स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल हो हिमालय संरक्षण
वेबिनार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हिमालय दिवस को बड़े स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता है। स्कूली पाठ्यक्रमों में हिमालय संरक्षण संबंधी अध्याय होना चाहिए।

इकोलॉजी और आर्थिकी को जोड़कर स्टेट प्लान बने
इस अवसर पर पर्यावरणविद पद्मभूषण डॉ.अनिल जोशी ने कहा कि हिमालय संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ी है। आज देशभर में 200 से अधिक स्थानों पर हिमालय दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि पारिस्थितिकी और आर्थिकी को जोड़ते हुए उत्तराखंड के लिए स्टेट प्लान बनाया जाना चाहिए।

 

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