केंद्र सरकार एक ऐसा कोविड वैक्सीन ट्रैकर लॉन्च करने जा रही है जिससे लोग वैक्सीन के प्रभाव के बारे में साप्ताहिक अपडेट पा सकेंगे.साथ ही लोग जान सकेंगे कि वैक्सीन लगवाने और न लगवाने पर कोरोना से मौत का खतरा कितना है

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के हेड बलराम भार्गव ने कहा है 18 अप्रैल से लेकर 16 अगस्त तक के आंकड़े बताते हैं कि वैक्सीन का पहला डोज लगवाने से मौत का खतरा 96.6 फीसदी तो दूसरे डोज से 97.5 फीसदी कम हो जाता है

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि मई महीने में लगभग 20 लाख टीके प्रतिदिन लगाए जा रहे थे अब सितंबर में ये संख्या बढ़कर 78 लाख हो चुकी हैं, हम लोग टीकाकरण की गति बढ़ाते जा रहे हैं क्योंकि कोरोना से बचने का एकमात्र उपाय टीकाकरण हीं है

केरल में कोरोना की स्थिति बहुत ही खराब है देश मे सिर्फ केरल ही ऐसा राज्य जहां 1 लाख से अधिक कोरोना के सक्रिय केस हैंजबकि महाराष्ट्र में 51400 एक्टिव केस हैं

नीति आयोग के सदस्य और कोविड टास्क फोर्स के हेड डॉ. वीके पॉल ने कहा यह सिद्ध हो गया है कि वैक्सीन के दोनों डोज से पूरा प्रोटेक्शन मिलता है और हार्ड  इम्यूनिटी बनती है कोविड-19 से लड़ने के लिए| इसलिए मेरी लोगों से अपील है कि जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगाई है वह जाकर वैक्सीन लगाएं और अपने आप को बचाएं|

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