पश्चिम बंगाल की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की मुनादी हो चुकी है और भवानीपुर सीट से अपनी किस्मत आजमाने को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तैयार हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव की कैंपेनिंग की शुरुआत की। इस बीच भवानीपुर से कांग्रेस ने उम्मीदवार न उतारने का फैसला लेकर ममता बनर्जी की मुश्किल थोड़ी कम कर दी है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी किसी भी तरह से वॉकओवर देने के मूड में नहीं दिख रही है।

तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी ने रविवार को ऐलान किया था कि ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से पार्टी की उम्मीदवार होंगी। यहां जानना जरूरी है कि भवानीपुर ममता बनर्जी की परंपरागत सीट रही है। पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने मई में इस सीट को खाली कर दिया था, जिससे ममता बनर्जी के लिए सीट से चुनाव लड़ने का रास्ता बन गया। कोरोना के फिर से बढ़ते खतरे को देखते हुए चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल की तीन सीटों-भवानीपुर, जंगीपुर और समशेरगंज में 30 सितंबर को चुनाव कराने का फैसला लिया है। बता दें कि वोटों की गिनती 3 अक्टूबर को होगी।

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहने के लिए हर हाल में ममता बनर्जी को भवानीपुर से उपचुनाव जीतना ही होगा। इससे पहले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से हरा दिया था। भवानीपुर के अलावा, टीएमसी नेता जाकिर हुसैन और अमीरुल इस्लाम क्रमशः जंगीपुर और समसेरगंज सीटों के लिए पार्टी के उम्मीदवार होंगे।

इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई ने भवानीपुर से ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार चुनने के लिए दिल्ली में पार्टी नेतृत्व को छह नामों का प्रस्ताव दिया है, वहीं कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। चूंकि कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है, इसलिए सीपीआई-एम गठबंधन की ओर से चुनाव लड़ सकती है और जल्द ही एक घोषणा करेगी।

 

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