अफगानिस्तान में तालिबान ने अपनी अंतरिम सरकार का एलान कर दिया है। मुल्ला मुहम्मद हसन अखुंद को जहां देश का नया प्रधानमंत्री बनाया गया है, वहीं शेख मौलवी नूरल्लाह मुनीर को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। इस बीच सरकार गठन के साथ ही तालिबानी फरमान भी आने शुरू हो गए हैं जिसमें नए शिक्षा मंत्री नूरल्लाह मुनीर का विवादित बयान भी शामिल है। मुनीर ने कहा है कि आज के वक्त में पीएचडी या किसी दूसरी मास्टर डिग्री का कोई फायदा नहीं है। मुनीर ने कहा कि हमलोगों के पास कोई डिग्री नहीं है फिर भी हम सरकार चला रहे हैं। ऐसे में आज के वक्त में किसी तरह की पीएचडी या मास्टर डिग्री की जरूरत नहीं है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, नूरुल्ला मुनीर ने कहा कि आज के वक्त में पीएचडी डिग्री और मास्टर की डिग्री की कोई वैल्यू नहीं है। आप देख सकते हैं कि मुल्ला और तालिबान (तालिबानी नेता) आज सत्ता में हैं और इनमें से किसी के पास कोई डिग्री नहीं है। पीचएडी, एमए तो छोड़िए, यहां तक कि इनके पास हाईस्कूल की डिग्री तक नहीं है, फिर वे हम सभी में महान हैं।

गौरतलब है कि मंगलवार को तालिबान ने मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के नेतृत्व वाली एक अंतरिम सरकार का ऐलान किया। नई तालिबान कैबिनेट में उन सभी चेहरों को जगह दी गई है जिन्होंने बीते 20 साल में अफगानिस्तान में अमेरिकी नेतृत्व वाली फौजों से जंग में अहम भूमिका अदा की है। तालिबान की नई सरकार में मुल्ला हसन अखुंद को अंतरिम प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। दो लोगों को अंतरिम उपप्रधानमंत्री की जिम्मेदारी दी गई है, इनमें एक नाम मुल्ला अब्दुल गनी बरादर का है, जिन्होंने अमेरिका के साथ हुई बातचीत का नेतृत्व किया और अफगानिस्तान से अमेरिका की पूरी तरह विदाई से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए।

तालिबान के प्रवक्ता ने बताया कि आमिर खान मुत्तकी को अंतरिम विदेश मंत्री बनाया गया है, जबकि भारतीय सैन्य अकादमी से पढ़ चुके अब्बास स्टानकजई को विदेश उप मंत्री नियुक्त किया गया है। कुख्यात हक्कानी नेटवर्क का नेतृत्व करने वाले सिराजुद्दीन हक्कानी को अंतरिम गृह मंत्री बनाया गया है जबकि मुल्ला याकूब को अंतरिम रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी मिली है. मुल्ला याकूब के पिता मुल्ला मोहम्मद उमर ने तालिबान की स्थापना की थी।

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