सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के महत्व को समझते हैं। हम नहीं चाहते कि प्रेस का गला दबाया जाए।
वही कोर्ट ने यह भी कहा कि हम पत्रकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट से FIR को रद्द करने की इजाजत देकर एक अलग रास्ता नही खोल सकते।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन तीनो पर 2 महीने तक कोई दंडात्मक कार्यवाई नही किए जाने का आदेश देते हुए उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने को कहा।

दरअसल एक संस्थान the wire से जुड़े तीन जॉर्नलिस्टो के ऊपर उत्तर प्रदेश में अलग अलग जगहों पर FIR दर्ज की गई है। इन सभी ने FIR को रद्द करने की मांग करते हुए इन सभी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

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