उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को अयोध्या से अपने तीन दिवसीय यूपी दौरे की शुरूआत करने वाले हैं। इसे लेकर विरोध शुरू हो गया है। संतों सहित पूर्व मुस्लिम पक्षकार ने ओवैसी के दौरे पर रोक लगाने की मांग उठाई है।

ओवैसी का आज अयोध्या जिले में आने का कार्यक्रम है, लेकिन इस दौरे को लेकर लगाए गए एआईएमआईएम  के पोस्टरों में जिले का नाम अयोध्या की जगह फैजाबाद लिखा गया है। संतों ने इस पर भी गंभीर आपत्ति जताई है।

हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने ओवैसी के पोस्टर पर सवाल उठाया। कहा कि फैजाबाद का नाम सरकारी अभिलेख में अयोध्या हो गया है तो पोस्टर पर फैजाबाद का नाम क्यों दिखाया जा रहा है। यदि अयोध्या नाम से ओवैसी को इतनी चिढ़ है तो यहां आने की क्या जरूरत। इस विचारधारा की संत समाज निंदा करता है।

वहीं, एसडीएम विपिन सिंह ने ओवैसी के कार्यकर्ता सम्मेलन को सशर्त इजाजत दी है। ओवैसी सूफी संत शेख मखदूम अब्दुल हक की दरगाह में जियारत कर जनपद अयोध्या के रुदौली विधानसभा से चुनाव की शुरूआत करेंगे।

ओवैसी का दौरा उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब बैनर पोस्टरों में अयोध्या के बजाय फैजाबाद लिखा जाने लगा। इस पर हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य तो रुदौली आ गए और प्रशासन पर अनुमति न देने का दबाव बनाने लगे। एसडीएम ने रविवार देर शाम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की शर्त पर कार्यकर्ता सम्मेलन में 50 व्यक्तियों की अनुमति दी। अनुमति मिलने के बाद औवेसी के कार्यक्रम में बदलाव भी किया गया है।

मुस्लिम समाज के लोग ओवैसी से सावधान रहें: इकबाल अंसारी
पूर्व मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी ओवैसी के अयोध्या दौरे का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग ओवैसी से सावधान रहें। ओवैसी को उत्तर प्रदेश नहीं आना चाहिए था, वह हैदराबाद के हैं वहीं की राजनीति करें। यूपी में आकर मुसलमानों के नाम पर अपना हित मत साधे।

 

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