काबुल से कंधार, पंजशीर से वाशिंगटन तक तालिबानी-पाकिस्तानी जोड़ी का मुखौटा उतर चुका है. अफगानिस्तान में पाकिस्तानी साजिश के बाद हालात इस कदर बिगड़े कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर तालिबान ने बंदूकें तान दीं. शहर-शहर बगावत का बिगुल बज रहा है और इनके बीच तालिबानी सरकार बनाने की तैयारी में जुटे हैं. काबुल में पाकिस्तान विरोधी रैली को तितर बितर करने के लिए तालिबान ने फायरिंग की है. तालिबानी लड़ाकों को प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए गोलियां चलाईं. तालिबान ने रैली कवर करनेवाले पत्रकारों और कैमरामैन को गिरफ्तार कर लिया. टोलो न्यूज के मुताबिक तालिबान ने उनके पत्रकारों को रैली कवर करने से रोका और उनके कैमरे भी छीन लिए. साथ ही उसके एक कैमरामैन को भी पकड़ लिया है.

टोलो न्यूज की पत्रकार जहरा रहीमी ने इस संबंध में ट्वीट कर बताया, ‘मेरे साथी वहीद अहमदी जो काबुल में आज हो रहे प्रर्दर्शन को कवर कर रहे थे, उन्हें तालिबान लड़ाके अपने साथ ले गए हैं। उनके साथ कुछ अन्य पत्रकारों और कैमरामैन को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।’

दरअसल, मंगलवार को सैकड़ों अफगान काबुल की सड़कों पर उतरें और पाकिस्तान सहित आईएसआई के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें ज्यादातर महिलाएं थीं। इन प्रदर्शनों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर छा गए हैं।

प्रदर्शनकारी एक साथ काबुल सेरेना होटल की ओर बढ़े जहां पाकिस्तान के खुफिया एजेंसी आईएसआई के डायरेक्टर पिछले हफ्ते से रूके हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार भीड़ बढ़ने पर तालिबानी लडाकों ने लोगों की हटाने के लिए हवाई फायरिंग भी की।

बता दें कि सोमवार को तालिबान ने आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद और उसके नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के बीच मुलाकात की पुष्टि की।

लेफ्टिनेंट जनरल हमीद पिछले हफ्ते अचानक काबुल पहुंचे और अगस्त मध्य में काबुल की राजधानी पर तालिबान के कब्जा करने के बाद वह अफगानिस्तान पहुंचने वाले एक मात्र उच्च पदस्थ विदेशी अधिकारी हैं। अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा सरकार बनाने की कोशिशों के बीच हमीद ने बरादर से ये मुलाकात की है।

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