अफगानिस्तान में तालिबान के खास दोस्त पाकिस्तान का दखल अफगानियों को पसंद नहीं आ रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ अफगान के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ लोगों का गुस्सा जोरदार फूट रहा है। काबुल में महिलाओं ने पहली बार रात में पाकिस्तान के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया है। साथ ही ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए हैं। इसे तालिबान के खिलाफ अफगानिस्तान के अलग-अलग शहरों में महिलाएं पिछले कई दिनों से अपने अधिकारों और हक के लिए जमकर प्रदर्शन कर रही हैं।

अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार पर पाकिस्तान बहुत ही ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है। बता दें कि अफागन सरकार की कमान को तालिबान के दोहा गुट, कंधार गुट और आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के बीच जोरदार विवाद चल रहा है। इस बीच पाकिस्तान की मदद से तालिबान के ऐसे सदस्य को सरकार की कमान सौंपी जा सकती है, जो ज्यादा बड़ा नाम नहीं हो। ये नेता मुल्ला हसन अखुंद हो सकता है।

बता दें हसन अखुंद संयुक्त राष्ट्र की आतंकियों की लिस्ट में शामिल है। वह अफगानिस्तान में तालिबान की पिछली सरकार में मंत्री भी रह चुका है। हसन अखुंद तालिबान के बड़े फैसले लेने वाली रहबारी शूरा का प्रमुख है और तालिबान के गढ़ कंधार से ताल्लुक रखता है।

ISI के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के काबुल दौरा


ऐसी अटकलें सामने आ रही हैं कि पिछले दिनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के काबुल दौरे के दौरान मुल्ला हसन अखुंद के नाम पर सहमति बन गई थी। बताया जा रहा है कि मुल्ला बरादर और मुल्ला याकूब को हसन अखुंद के डिप्टी की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के सिराज हक्कानी को भी कोई बड़ा मंत्रालय दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि तालिबानी सरकार का ऐलान बुधवार को किया जा सकता है।

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