हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति और कुल्लू में बादल फटने के दूसरे दिन गुरुवार को 27 घंटों से रेस्क्यू अभियान जारी रहा। आईटीबीपी और बीआरओ के साथ अब मंडी से एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला है। दूसरे दिन रेस्क्यू ऑपरेशन में दोनों जिलों में लापता सात लोगों में से एक भी बरामद नहीं हुआ। पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्थानीय लोगों को मिलाकर कुल 100 से अधिक लोग वीरवार सुबह 8 बजे से रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं। लाहौल के तोंजिंग नाले, उदयपुर, जाहलमा के अलावा कुल्लू जिला के ब्रह्मगंगा नाले में दिनभर रेस्क्यू अभियान चलाया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने पार्वती नदी के किनारे भुंतर से लेकर मणिकर्ण तक जगहों-जगहों पर लापता लोगों को तलाश किया। दोनों जिलों में बारिश से लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, बीआरओ को करोड़ों की क्षति हुई है। उधर, चंबा जिले में 24 घंटों की बारिश में जनजातीय क्षेत्र पांगी में दो फुटब्रिज, 20 गाय, 5 खच्चर बह गए हैं।

इसके अलावा 15 कच्चे मकान, पांच डंगे, दो गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। हमीरपुर में भी एक दुकान और गोशाला क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, कालका-शिमला एनएच पर ब्रूरी के समीप पहाड़ी से चट्टानें गिरने से एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही।

उधर, कुल्लू जिले के बंजार में एक महिला की बशेरी नाले में गिरने से मौत हो गई। महिला रिश्तेदार के घर से लौट रही थी। चंबा में बाइक स्किड होने और खाई में गिरने से चार लोग घायल हुए हैं।

मंडी के करसोग में एक टेंपो खाई में गिर गया। हमीरपुर के पन्याली में स्किड होकर कार नाले में गिर गई।

लाहौल-स्पीति जिले में दो दिन की भारी बारिश से हुई तबाही का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शुक्रवार को हेलीकाप्टर से लाहौल पहुंचेंगे। सीएम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे। कैबिनेट मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। 

गुरुवार को राजधानी शिमला में शाम को बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहा।

बुधवार रात ऊना में 83, कांगड़ा-शिमला में 26, धर्मशाला में 23 मिलीमीटर बारिश हुई। वीरवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य दो डिग्री की कमी दर्ज हुई।

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