नवादा जिले के मेसकौर थाना क्षेत्र में डायन होने के आरोप में बंधक बना कर झाड़-फूंक के लिए लायी गयी महिलाओं को छुड़ाने गयी पुलिस पर सैकड़ों महिला व पुरूषों की हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया। हमले में मेसकौर थाने के दारोगा व जमादार समेत तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना सोमवार की देर शाम मेसकौर थाना क्षेत्र के चंद्रदेय गांव की है। 

घटना के बाद देर रात पांच थानों की पहुंची पुलिस ने गांव को चारों ओर से घेर लिया और दो महिलाओं समेत 16 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में घायल मेसकौर थाना के दारोगा (सब इंस्पेक्टर) बिनोद सिंह, जमादार (एएसआई) तथा महिला कांस्टेबल प्रियंका कुमारी को इलाज के लिए मेसकौर पीएचसी भेजा गया। जानकारी के मुताबिक चंद्रदेय गांव की चार महिलाओं को डायन का आरोप लगा झाड़-फूंक कर एक मृत बच्चे को जिंदा करने के लिए जबरन उठाकर हरला गांव से बंधक बनाकर लाया गया था। इसकी सूचना बंधकों में से एक ने पुलिस को दे दी। सूचना के बाद पुलिस गांव पहुंची थी।

जानकारी के मुताबिक चंद्रदेय गांव के स्व. अरुण राजवंशी के पांच वर्षीय बेटे अमित कुमार की गया जिले के फतेहपुर थाना के लोधवे गांव में सर्पदंश से रविवार को झाड़-फूंक के क्रम में मौत हो गयी थी। अमित बचपन से ही अपने ननिहाल लोधवे में रह रहा था। बच्चे की मौत के बाद झाड़-फूंक कर रहे तांत्रिकों ने मृतक की मां व परिजनों को बताया उसके बच्चे को हरला गांव की एक डायन महिला ने खा लिया है। वह महिला चाहे तो दोबारा बच्चा जीवित हो सकता है। इसी बात पर चंद्रदेय गांव के लोगों ने सोमवार की शाम एक किशोरी समेत चार महिलाओं को गांव से उठा लिया और बंधक बनाकर उसे चंद्रदेय गांव ले आये। सूचना पर दारोगा बिनोद सिंह के नेतृत्व में पांच पुलिसकर्मियों की टीम गांव पहुंची। उस वक्त वहां गम्भीरा गांव के हैदरचक टोला का ओझा विशेश्वर प्रसाद, चन्द्रेदय का राजकुमार रविदास उर्फ भोजपुरिया व गम्भीरा का अमिरक यादव समेत दो सौ से अधिक लोग जुटे हुए थे। पुलिस ने चारों महिलाओं को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से भीड़ उग्र हो गयी और ईंट-पत्थरों व लाठी-डंडे से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से पुलिस को पीछे हटना पड़ा। पुलिस किसी तरह से चारों महिलाओं को लेकर थाना पहुंची। 

घटना के बाद देर रात चंद्रदेय गांव पहुंची मेसकौर, हिसुआ, सीतामढ़ी, सिरदला और नरहट की पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया और घटना में शामिल दो महिलाओं समेत 16 हमलावरों को घरों से निकाल कर गिरफ्तार कर लिया। इनमें चन्द्रदेय गांव के प्रमोद राजवंशी का बेटा विक्की कुमार, महेन्द्र राजवंशी का बेटा लोहा राजवंशी, कन्हाई राजवंशी का बेटा यमुना राजवंशी, गणपत चौहान का बेटा भोला चौहान, गांगो राजवंशी का बेटा महेन्द्र राजवंशी, यमुना राजवंशी की पत्नी चिन्ता देवी, सुरेश राजवंशी की पत्नी रेणु देवी व तेतर राजवंशी का बेटा महेन्द्र राजवंशी शामिल हैं। गिरफ्तार अन्य लोगों में गम्भीरा टोला हैदरचक के जगदीश यादव का बेटा भोला यादव, अरबिन्द यादव का बेटा गुड्डू कुमार, बिन्देश्वर यादव ओझा का बेटा संतोष प्रसाद एवं गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के लोधवे गांव के तेतर राजवंशी का बेटा मिथिलेश राजवंशी, बालक राजवंशी का बेटा पिंटू राजवंशी, मोती राजवंशी का बेटा रामस्वरूप राजवंशी, चांदो राजवंशी का बेटा रवि कुमार एवं सकलदेव राजवंशी का बेटा सत्येंद्र राजवंशी शामिल हैं। 

मेसकौर ओपीध्यक्ष नीरज कुमार के मुताबिक इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी है। दोनों में कुल 194 लोगों को आरोपित किया गया है। पुलिस की ओर से घायल जमादार जितेन्द्र तिवार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में 26 लोगों को नामजद था करीब 150 अज्ञात भी आरोपित किये गये हैं। आरोपितों के विरुद्ध पुलिस पर जानलेवा हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य आरोप हैं। जबकि दूसरी प्राथमकी हरला गांव के ग्रामीण की ओर से दर्ज करायी गयी है। प्राथमिकी में एक महिला को डायन बताकर मारपीट व प्रताड़ित करने का आरोप है। इस मामले में  18 लोगों को नामजद किया गया है।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *