शोपियां में चक सादिक खान इलाके में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। साल 2017 से दक्षिणी कश्मीर समेत घाटी में आतंकी हमलों और हत्याओं को अंजाम देने वाला खूंखार आतंकी एवं लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर इशफाक डार उर्फ अबू अकरम मार गिराया गया है। चार साल से अकरम कश्मीर घाटी में सक्रिय था। अबू अकरम के साथ ही इस मुठभेड़ में एक और आतंकी मारा गया है। मारे गए आतंकियों के पास से 2 एके-47 राइफल और आठ मैग्जीन मिली हैं। इस ऑपरेशन को सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया है। जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस(एसओजी), सेना की 34-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की बटालियन-178 शामिल है।

प्रदेश के पुलिस मुखिया ने कहा कि रात भर चले अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकवादी कमांडर इशफाक डार के साथ एक अन्य आतंकवादी माजिद इकबाल का सफाया हुआ है। अबू अकरम पुलिस कर्मियों और नागरिकों पर हमलों एवं हत्या सहित कई आतंकी अपराधों के मामलों के लिए जिम्मेदार था।

बता दें कि यह मुठभेड़ रविवार को शुरू हुई थी। जिसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक टॉप कमांडर समेत दो आतंकियों के घिरे होने की सूचना मिली थी।। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान आतंकियों की ओर से पहली गोली चलाई गई।

इसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला। साथ ही आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका भी दिया गया। जिसे नकारते हुए आतंकी अंधाधुंध गोलाबारी करते रहे। साथ ही अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की।

आतंकियों को रोकने के लिए की गई जवाबी फायरिंग के साथ ही मुठभेड़ शुरू हो गई। कुछ समय बाद ही दोनों आतंकी सुरक्षाबलों की गोलियों का निशाना बने।

अबू अकरम का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है। क्योंकि दक्षिणी कश्मीर में वह आतंकी हमलों को अंजाम देने के साथ ही वहां के युवाओं को आतंक का दामन थामने के लिए गुमराह करता था, इसके लिए कई प्रकार के लालच भी देता था। अबू अकरम मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में शामिल था। वह 11 दिसंबर 2018 को जानीपोरा में चार पुलिस कर्मियों की हत्या और 24 अक्तूबर 2019 को शोपियां में दो गैर-स्थानीय ड्राइवरों की हत्या में भी शामिल था।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *