स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत में कोविड-19 के 80 फीसदी नए मामले 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 90 जिलों से आए, जो इन इलाकों में ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता की ओर इशारा कर रहे हैं। देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 66 जिलों में कोविड-19 संक्रमण दर आठ जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में 10 फीसदी से अधिक रही है। 

वहीं, प्रेसवार्ता में मौजूद रहे नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 होने से समय पूर्व प्रसव जैसे कुछ खतरे बढ़ सकते हैं, उनके लिए टीका लगवाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण पर दिशानिर्देश मंत्रालय की ओर से जारी किए जा चुके हैं। तीन टीकों को उपयुक्त बताया गया है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर लोगों के कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए बिना बड़ी संख्या में पहुंचने की घटनाएं चिंता का सबब हैं। हम इस समय सुरक्षा में लापरवाही नहीं कर सकते। पर्यटन स्थलों पर नया खतरा देखा जा रहा है जहां भीड़ एकत्र हो रही है और शारीरिक दूरी व मास्क पहनने जैसे नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है।

हाल ही में सामने आए कोरोना वायरस के नए लैम्ब्डा वेरिएंट को लेकर डॉ. पॉल ने कहा कि हमें ऐसे वेरिएंट को लेकर सतर्क रहना होगा। अभी तक के लिए, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इस वेरिएंट की पहचान भारत में हुई है। 

वहीं, उत्तर प्रदेश में सामने आए कोरोना वायरस के कप्पा वेरिएंट के मामलों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यूपी में कोविड-19 के कप्पा वेरिएंट को दो मामलों की पुष्टि हुई है। मंत्रालय ने कहा कि यह रोचक वेरिएंट है। इससे पहले फरवरी और मार्च में भी यह वेरिएंट के सामने आया था।

By anita

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