80 और 90 के दशक में हॉरर फिल्मों के सरताज माने जाने वाले रामसे ब्रदर्स में से एक कुमार रामसे का निधन हो गया है। कुमार रामसे का 85 साल की उम्र में निधन हो गया है। सोशल मीडिया पर कुमार रामसे को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है। फैंस उनके द्वारा बनाई फिल्मों को याद कर रहे हैं।

इससे पहले 2019 में रामसे ब्रदर्स में से एक श्याम रामसे  का 67 साल की उम्र में निधन हो गया था। श्याम रामसे के सात भाई थे। इन सभी को रामसे ब्रदर्स के नाम से पहचाना जाता है। कुमार रामसे, केशू रामसे, तुलसी रामसे, करन रामसे, श्याम रामसे, गंगू रामसे और अर्जुन रामसे।

ऐसे चढ़ा हॉरर का भूत
रामसे ब्रदर्स की बायोग्राफी Don’t Disturb The Dead- The Story Of the Ramsay Brothers के अनुसार, उनका परिवार 1947 में पार्टिशन के बाद मुंबई आ गया था। यहां आकर रामसे बंधुओं के पिता ने मुंबई में पहले इलेक्ट्रॉनिक की दुकान खोली थी, लेकिन हिंदी सिनेमा के ग्लैमर ने उन्हें अपनी ओर खींच लिया। इसके बाद सातों भाईयों ने अपने पिता के कदम से कदम मिलाते हुए फिल्में बनाने का काम शुरू किया।

रामसे बंधुओं में से तुलसी और श्याम ने हॉरर फिल्मों में दिलचस्पी दिखाई और हॉलीवुड की कॉपी करते हुए इंडियन मसाला शामिल करके भूतिया फिल्में बनानी शुरू की। इन दोनों ने मिलकर हॉरर फिल्मों का एक जबरदस्त ट्रेंड शुरू किया। रामसे ब्रदर्स ने परदे पर ऐसा खौफ बिखेरा कि वो इस जॉनर के मास्टर बन गए। रामसे ब्रदर्स ने अंधेरे से भरे थिएटर में डराकर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरणा ली और उस वक्त खुद को साबित किया जब दुनिया एंग्री यंगमैन के नाम से वाकिफ हो चुकी थी। उन दिनों रोमांटिक फिल्मों का दौर था। उस वक्त रामसे ब्रदर्स ने चांस लिया और हिंदी सिनेमा को मिली भूत, प्रेत, आत्मा और शैतान की कहानियां।

By anita

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