कश्मीर घाटी में बड़ी संख्या में स्थानीय बेटियां पुलिस में भर्ती होने के लिए आगे आ रही हैं। पहले ऐसी भर्तियों में जम्मू से बेटियों की संख्या ज़्यादा होती थी। अब यहां भी फिजा में बदलाव दिख रहा है। महिला पुलिस कर्मियों की दो बटालियन में भर्ती के लिए बड़ी संख्या में कश्मीर संभाग की लड़कियां शामिल हुईं। अपने उज्जवल भविष्य और घाटी में अमन के लिए दूरदराज के इलाकों की लड़कियां भर्ती में शामिल हो रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि साल 2019 में महामारी के प्रकोप के चलते भर्ती रद्द करनी पड़ी थी। अब कोरोना का कहर थमने पर भर्ती का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें संभाग की बेटियां बड़ी संख्या में भाग ले रही हैं। उनका उत्साह देखते ही बनता है।

बुधवार को श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हमहामा में स्थित रीजिनल ट्रेनिंग सेंटर में कड़ाके की धूप के बीच कश्मीरी लड़कियां खाकी को पहनने के लिए दौड़ लगाती दिखीं। अपने सपनों को साकार करने के लिए वह विषम परिस्थितियों को चुनौती दे रही हैं।
 

बीते तीन दिन से श्रीनगर के आरटीसी में यह भर्ती रैली विशेष महिलाओं के लिए है। इसमें शामिल होने के लिए दक्षिणी कश्मीर के संवेदनशील चार जिलों से यह लड़कियां आई हैं।

पिछले कुछ दिनों की वारदातों पर गौर करें तो पता चलता है कि आतंकी सगंठन पुलिस को अधिक निशाना बना रहे हैं। पुलवामा जिले में दिल दहलाने वाली घटना भी सामने आई। जिसमें आतंकियों ने एक एसपीओ को उसके परिवार समेत मार डाला।
जानिए इस घटना पर पुलवामा जिले से भर्ती में शामिल होने आई बेटी ने क्या कहा…
 

पुलवामा जिले की एक बेटी ने बताया कि कोई भी डर नहीं है। पुलिस में भर्ती होने का मेरा सपना था। आज ऐसा लग रहा है कि सपना साकार हो रहा है। यहां आने पर गर्व महसूस हो रहा है।

उन्होंने कहा कि उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिला है। बाकी लड़कियों से भी यह कहना चाहती हूं कि वह बिना किसी डर के भर्ती में शामिल हों।

वहीं एडीजी कोर्डिनेशन दानिश राणा ने बताया कि बेल्ट फाॅर्स में पहले भी महिलाओं का भर्ती का रुझान अच्छा रहा है। बता दें कि कश्मीर संभाग से 2200 लड़कियां इस भर्ती में भाग लेने के लिए पहुंची हैं।  

By anita

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