मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और आगरा में वायु प्रदूषण के कारणों को दूर करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। वायु प्रदूषण नियंत्रण और वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई जाए। गोरखपुर में वायु प्रदूषण नियंत्रण और गुणवत्ता सुधार के लिए अपनाई गई रणनीति के प्रभावी परिणाम मिले हैं। इसी प्रकार की रणनीति एवं माॅडल एक्शन प्लान को अन्य शहरों के लिए भी लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रदेश के 17 नॉन अटेनमेंट शहरों (एनएसी) में वायु प्रदूषण नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार के संबंध में समीक्षा के दौरान कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग और संस्थाएं प्रभावी पहल करते हुए बेस्ट प्रेक्टिसेज को परस्पर साझा करें।

नगर निगम, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्यवाही करें। प्रदेश के सभी नॉन अटेनमेंट शहरों के लिए प्रदूषण स्रोतों के विस्तृत विश्लेषण करते हुए भविष्य की रणनीति बनाई जाए।

उन्होंने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला पर्यावरण समिति की नियमित बैठकें आयोजित कर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मनोज सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि वायु प्रदूषण के नियंत्रण और वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक की जा चुकी है|

By anita

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