कोरोना की तीसरी संभावित लहर से बच्चों को बचाने की हर संभव कोशिश हो रही है। यही वजह है कि कई कंपनियां बच्चों की वैक्सीन तैयार करने में जुटी हैं। इस बीच अच्छी खबर यह है कि जायडस कैडिला बच्चों की वैक्सीन ना सिर्फ तैयार कर ली है बल्कि इसके तीनों क्लीनिकल ट्रायल को भी पूरा कर लिया है। बच्चों पर इस वैक्सीन के तीसरे क्लीनिकल ट्रायल के पूरा होने के बाद कंपनी ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से इस वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की अनुमति के लिए आवेदन किया है। कंपनी की ओर से 12 साल व इससे अधिक उम्र के लोगों को इस वैक्सीन के इस्तमाल की अनुमति मांगी गई है।

जायडस कंपनी ने डीएनए वैक्सीन को 12 साल व उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए तैयार किया है, ऐसे अगर इस वैकसीन को आपात इस्तेमाल की अनुमति मिल जाती है तो जल्द ही देश में 12 साल से ऊपर के बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। कंपनी ने पहले ही इस वैक्सीन के तीन चरण का क्लीनिकल ट्रायल पूरा कर लिया है। कंपनी ने कोरोना की डीएनए वैक्सीन Zycov-D के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन किया है

जायडस कंपनी ने Zycov-D वैक्सीन का ट्रायल 28 हजार वॉलंटियर पर किया था। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की वैक्सीन सुरक्षा प्रभावकारिता के सभी मानकों पर खरी उतरी है, लिहाजा डीसीजीआई इस वैक्सीन के इस्तेमाल की कंपनी को अनुमति दे सकती है। कंपनी के ट्रायल में यह बात सामने आई है कि 12-18 साल के बच्चों पर Zycov-D वैक्सीन काफी प्रभावी है और पूरी तरह से बच्चों पर सुरक्षित है। कंपनी की योजना है कि वह 100-120 मिलियन वैक्सीन की खुराक प्रतिवर्ष तैयार करेगी। माना जा रहा है कि जुलाई के अंत या फिर अगस्त में 12-18 साल तक के बच्चों को यह वैक्सीन दी जाने लगेगी।

By anita

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