प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम चार बजे एक उच्च स्तरीय बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। हालांकि अभी तक इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई है कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्या होगा। ऐसा माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में हुए ड्रोन हमले को लेकर इस बैठक में चर्चा हो सकती है।

इसके अलावा इस बैठक में सुरक्षा से जुड़े कुछ बड़े अधिकारी भी शामिल होंगे। जम्मू-कश्मीर में एयरफोर्स बेस पर हुए हमले के बाद वहां सभी सुरक्षा संस्थानों को अलर्ट पर रखा गया है। 

बता दें कि लद्दाख की तीन दिवसीय यात्रा खत्म करने के बाद रक्षा मंत्री जैसे ही दिल्ली पहुंचेंगे तो वो जम्मू-कश्मीर में एयरफोर्स पर हुए ड्रोन अटैक की पूरी जानकारी की रिपोर्ट तैयार करेंगे। बता दें कि रविवार को जम्मू-कश्मीर में ड्रोन से ये हमला हुआ था और रक्षा मंत्री लद्दाख से ही इस पर कड़ी नजर रख रहे थे। 

सरकार ने जम्मू वायुसेना स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच एनआईए को सौंपी
वहीं जम्मू हवाई अड्डा परिसर में स्थित वायु सेना स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच मंगलवार को एनआईए को सौंप दी गई। भारतीय वायुसेना स्टेशन पर अपनी तरह के ऐसे पहले आतंकवादी हमले की जांच एनआईए को सौंपने का फैसला गृह मंत्रालय ने किया। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू वायु सेना स्टेशन पर हमले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है।

जम्मू में भारतीय वायु सेना के स्टेशन पर शनिवार देर रात दो ड्रोन से विस्फोटक गिराए गए थे, जिसमें दो जवान मामूली रूप से घायल हो गए थे। पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों का देश के किसी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान पर इस तरह का यह पहला ड्रोन हमला है। पहला विस्फोट शनिवार देर रात एक बजकर 40 मिनट के आसपास हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट उसके छह मिनट बाद हुआ। पहले धमाके में शहर के बाहरी सतवारी इलाके में भारतीय वायुसेना द्वारा संचालित हवाई अड्डे के उच्च सुरक्षा वाले तकनीकी क्षेत्र में एक मंजिला इमारत की छत को नुकसान हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट जमीन पर हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन द्वारा गिराई गई विस्फोटक सामग्री आरडीएक्स और अन्य रसायनों के मिश्रण का उपयोग कर बनाई गई हो सकती है, लेकिन इस बारे में अंतिम पुष्टि होने का इंतजार है। जांचकर्ताओं ने हवाई अड्डे की चारदीवारी पर लगे कैमरों सहित सीसीटीवी फुटेज खंगाला है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन कहां से आए थे। हालांकि सभी सीसीटीवी कैमरे सड़क की ओर लगे थे।

अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन ने विस्फोटक सामग्री गिराई और वे रात के दौरान या तो सीमा पार या किसी अन्य स्थान चले गए। जम्मू हवाई अड्डे और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच हवाई दूरी 14 किलोमीटर है। हवाई अड्डा परिसर स्थित वायुसेना स्टेशन में किसी को भी प्रवेश करने की अनुमति नहीं है और एनआईए की एक टीम समेत अन्य जांच दल मौके पर मौजूद बारीक से बारीक साक्ष्य को एकत्र कर रहे हैं।

By anita

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