दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा को 15 महीने जेल की सज़ा सुनाई गई है ये फ़ैसला दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी अदालत कंस्टिट्यूशनल कोर्ट का है.कंस्टिट्यूशनल कोर्ट ने जैकब ज़ुमा अदालत की मानहानि के मामले में दोषी पाया था

दरअसल, जब जैकब ज़ुमा राष्ट्रपति थे तो भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें एक जांच आयोग के समक्ष पेश होना था.जैकब ज़ुमा कंस्टिट्यूशनल कोर्ट के आदेश के बावजूद इस जांच आयोग के सामने पेश नहीं हुए थे

साल 2018 में जैकब ज़ुमा का कार्यकाल खत्म हो गया.पद पर रहते हुए उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे. तब ये कहा गया कि कुछ कारोबारी घराने राजनेताओं के साथ साठ-गांठ करके निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं

हालांकि पूर्व राष्ट्रपति एक बार जांच आयोग के सामने पेश हुए थे लेकिन बाद में उन्होंने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था.जांच आयोग के चेयरमैन जस्टिस रेमंड ज़ोंडो ने कंस्टिट्यूशनल कोर्ट को दखल देने के लिए कहा था

ये साफ नहीं है कि जैकब जुमा को अभी गिरफ्तार किया जाएगा या नहीं.एक अन्य मुकदमे में जैकब ज़ुमा ने पिछले महीने खुद को निर्दोष कहा था नब्बे के दशक के इस मामले में उन पर 5 अरब डॉलर की रक्षा खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप है

By anita

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