पांच साल से लोगों को शर्मसार करने वाली कथित ‘कलाकृति’ जेसीबी से ढहा दी गई। इससे पहले एक पार्षद इस असहज करने वाली कलाकृति का पोस्टर लेकर नगर निगम सदन में पहुंच गए। इस पर हंगामा हुआ और महापौर ने उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया। कुछ देर बाद ही नगर निगम की टीम हसरत मोहानी चौक पहुंच गई और विचित्र आकार वाली विशाल कलाकृति गिरा कर तोड़ दी।

दरअसल, पांच साल पहले मौलाना हसरत मोहानी के नाम चौराहा बनाया गया था। नगर निगम ने उनकी स्मृति में लगभग 4 लाख की लागत से कलाकृति बनाने का निर्णय लिया था। पांच साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ। यह मछली की कलाकृति बननी थी पर ठेकेदार ने इसे अधूरा छोड़ दिया। इससे यह मछली की जगह विचित्र आकार की दिखने लगी। लोग इसे देख कर नजरें फेर लेते थे। उधर ठेकेदार अधूरा काम छोड़कर चला गया। नगर निगम ने उसका भुगतान तो रोक दिया मगर कलाकृति नहीं हटाई। डेढ़ साल पहले भाजपा पार्षद राशिद आरफी ने इसे ध्वस्त करने की मांग की थी। सोमवार को सदन में इस कलाकृति की फोटो लेकर पहुंचे तो पार्षदों ने ही इसका जमकर विरोध कर दिया। यह कहा कि पोस्टर और फोटो लाने की क्या जरूरत थी। आक्रोशित पार्षदों ने पार्षद के हाथ से पोस्टर छीनने की कोशिश की। सदन की बैठक स्थगित कर दी गई। दोबारा सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई तो महापौर ने राशिद आरफी को छह माह के लिए सदन से निष्कासित कर दिया और फौरन बाहर जाने को कहा। हालंकि कुछ देर बाद ही जोन एक के अभियंता और प्रभारी समेत टीम पहुंची और कलाकृति को ढहा दिया। 

By anita

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