दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र को राज्य सरकारों से लड़ने और उन्हें कोसने के बजाय उनके साथ मिलकर काम करना चाहिए।

केजरीवाल ने ट्विटर पर उस मीडिया रिपोर्ट को टैग किया है जिसके मुताबिक, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने केजरीवाल सरकार को लोगों तक राशन और ऑक्सीजन पहुंचाने में कथित तौर पर नाकाम रहने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि देश तभी प्रगति करेगा जब 130 करोड़ जनता, सभी राज्य सरकारें और केंद्र मिलकर ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करेंगे।

उन्होंने ट्वीट किया कि आज लोग केंद्र में ऐसा नेतृत्व देखना चाहते हैं जो, पूरा दिन राज्य सरकारों को गाली देने और उनसे लड़ने की बजाय, सबको साथ लेकर चले। देश तब आगे बढ़ेगा जब 130 करोड़ लोग, सभी राज्य सरकारें और केंद्र मिलकर टीम इंडिया बनकर काम करेंगे। इतना गाली गलौज अच्छा नहीं। 

केजरीवाल से पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर कुछ राज्य सरकारों की सहायता करने के बजाय उन्हें “अपशब्द” कहने का शुक्रवार को आरोप लगाया था। सिसोदिया ने दिल्ली सरकार की घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर केंद्र की आपत्ति को लेकर यह भी कहा कि भाजपा ‘भारतीय झगड़ा पार्टी’ बन गई है।

उन्होंने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, “केंद्र के पास कुछ राज्य सरकारों को भला-बुरा कहने के अलावा कोई काम नहीं बचा है। पूरी केंद्र सरकार और भाजपा तीन-चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निशाना बना रही हैं। केंद्र सरकार बस तभी काम करती है जब सुप्रीम कोर्ट उसे फटकार लगाती है। सिसोदिया ने कहा कि लोग ऐसी सरकार से तंग आ चुके हैं जो केवल राज्य सरकारों को अपशब्द कहती है। उन्होंने कहा कि लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को चुना है न कि भारतीय झगड़ा पार्टी को। कृपया भारतीय झगड़ा पार्टी न बनें। उन्हें राज्य सरकारों के साथ काम करना चाहिए बजाय कि उनके काम में हस्तक्षेप करने के। उन्हें राष्ट्र निर्माण में राज्य सरकार की पहलों का समर्थन करना चाहिए। 

दिल्ली सरकार राशन माफियाओं के नियंत्रण में : भाजपा

बता दें कि, आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार पूरी तरह से राशन माफियाओं के नियंत्रण में है। शुक्रवार को यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केजरीवाल हर घर में राशन पहुंचाने की बात कर रहे हैं, लेकिन जब कोरोना से लोग परेशान थे तब उनकी सरकार मरीजों को ऑक्सीजन तक नहीं पहुंचा सकी थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार मोहल्ला क्लीनिक के जरिये लोगों के घरों तक दवा तक नहीं पहुंचा सकी। केजरीवाल का हर घर राशन योजना भी एक जुमला है।

रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में दो रुपये प्रति किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल देती है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पिछले साल जब कोरोना की शुरुआत हुई थी, तब से गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इस साल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को अब नवंबर तक बढ़ाने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में वन नेशन, वन राशन कार्ड की योजना शुरू की गई है। देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार की यह योजना काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि चावल का खचार् 37 रुपये प्रति किलो होता है और गेहूं का 27 रुपये प्रति किलो होता है। केंद्र सरकार सब्सिडी देकर राज्यों को राशन की दुकानों के माध्यम से बांटने के लिए अनाज देती है। सरकार सालाना करीब दो लाख करोड़ रुपये इसमें खर्च करती है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली, पश्चिम बंगाल और असम को छोड़कर यह योजना हर जगह चल रही है। मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री से सवाल पूछता हूं कि आखिर दिल्ली में केंद्र सरकार की इस योजना को अभी तक क्यों शुरू नहीं किया गया? उन्होंने केजरीवाल से प्रश्न पूछते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि आखिर केंद्र सरकार की योजना को शुरू करने में उन्हें क्या दिक्कत है। उन्होंने कहा कि श्री केजरीवाल गरीबों की चिंता करने का केवल नाटक करते हैं। 

By anita

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