केंद्रीय पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कल छत्तीसगढ़ के सेल के भिलाई स्टील प्लांट में बनी 114 बिस्तर की कोविड केयर सुविधा को राष्ट्र देश को समर्पित किया।यह अस्पताल गैसीय ऑक्सीजन से लैस है और इसकी स्थापना संयंत्र से गैसीय ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए 1.5 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाने के बाद की गई है। यह इस परियोजना का पहला चरण है जिसका उद्देश्य अगले दो चरणों में ऑक्सीजनयुक्त 500 बिस्तरों तक विस्तार करना है। इस केंद्र में दोहरी ऑक्सीजन बैकअप सप्लाई की सुविधा है। मुख्य स्त्रोत के रूप में गैसीय ऑक्सीजन के अतिरिक्त संग्रहित तरल मेडिकल ऑक्सीजन बैकअप का भी प्रावधान है। यह सुविधा आईटी आवश्यकताओं और दूरस्थ परामर्श की सुविधा के लिए आवश्यक इंटरनेट और दूरसंचार सेवाओं से भी लैस है।

इस अवसर पर श्री प्रधान ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी ने गैसीय ऑक्सीजन के स्रोत के निकट अस्पताल स्थापित करने और “जहां बीमार, वहां उपचार” का मंत्र दिया है और आज का उद्घाटन उस विजन की दिशा में एक और कदम है।

कोविड काल में भिलाई स्टील प्लांट की भूमिका की सराहना करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि इसके अस्पताल ने कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है और देश में तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति और एलएमओ की बढ़ती मांग को पूरी करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोविड-19 की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मांग में अचानक वृद्धि हुई। अप्रैल के शुरु में तरल मेडिकल ऑक्सीजन की मांग रोजाना 1300 एमटी थी जो मध्य मई तक बढ़कर 10 हजार एमटी तक हो गई। कई कदम उठा कर इस बोझ को प्रबंधित किया गया और इस्पात क्षेत्र ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई।

इस्पात संयंत्रों ने स्वयं को योग्य साबित किया और अपने उत्पाद में कमी करने की कीमत पर भी देश की आवश्यकताओं को पूरा किया। 2.8 लाख मीट्रिक टन एलएमओ की आपूर्ति की गई थी जिसमें से 2 लाख एमटी इस्पात और पेट्रोलियम क्षेत्रों द्वारा दिए गए।श्री प्रधान ने टीकाकरण के बारे में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने टीकाकरण के लिए रोडमैप तैयार किया है।

श्री प्रधान ने आश्वासन दिया कि भारत सरकार और सेल छत्तीसगढ़ के साथ है और राज्य के लोगों के लिए टीकाकरण को अधिक से अधिक बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कॉरपोरेट तथा राज्य सरकार से कम से कम समय में टीकाकरण को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के लिए साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि हाल के अनुभव से सीख लेते हुए भिलाई स्टील प्लांट में बनी कोविड केयर सुविधा भविष्य में भी बीमारी में वृद्धि से निपटने के लिए तैयार होगी। जब तक जरूरत महसूस होगी, तब तक यह सुविधा काम करती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सेल एक कारपोरेट नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग है और जल्द ही कोविड-19 से प्रभावित परिवारों के लिए अनुकंपा नियुक्तियों की मांग पर निर्णय लेगा।

इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कोविड-19 महामारी के दौरान इस्पात क्षेत्र द्वारा किए जा रहे विभिन्न उपायों की चर्चा की।

इस वर्चुअल उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी. एस. सिंह देव, छत्तीसगढ़ सरकार के परिवहन, आवास, पर्यावरण, वन एवं विधि मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडेय, लोकसभा में दुर्ग के सांसद श्री विजय बघेल और भिलाई के विधायक श्री देवेंद्र यादव ने भी भाग लिया। समारोह में एक लघु ऑडियो- विजुअल फिल्म भी दिखाई गई।

सेल-भिलाई स्टील प्लांट के जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ने इस क्षेत्र के कोविड मरीजों के इलाज में अहम भूमिका निभाई है। भिलाई के इस अस्पताल में अब तक 8000 कोविड मरीजों का इलाज किया जा चुका है। हाल ही में मरीजों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन सुविधा वाले बेड की संख्या बढ़ाकर 594 कर दी गई है, जिसमें पाइप से ऑक्सीजन सप्लाई वाले 560 बेड शामिल हैं। दाखिल रोगी के उपचार के अलावा, लगभग 31,000 व्यक्तियों की चार केंद्रों पर कोविड की जांच की गई जिसमें एक केंद्र संयंत्र के भीतर है। एक विशेष फ्लू-क्लिनिक की स्थापना की गई थी जहां 35,000 से अधिक कोविड-संदिग्ध व्यक्तियों को चिकित्सा परामर्श दिया गया था। एमजी/एएम/एजी/डीसी

By anita

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