पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले का आरोपी और भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी को एक और बड़ा झटका लगा है। डोमिनिका की सरकार ने मेहुल चोकसी को अवैध अप्रवासी घोषित किया है। डोमिनिका के राष्ट्रीय सुरक्षा और गृह मामलों के मंत्री रेबर्न ब्लैकमूर ने पुलिस प्रमुख को आदेश जारी किया है कि चोकसी को देश से बाहर करने के लिए कानून के मुताबिक जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं।

जानकारी के मुताबिक, डोमिनिका प्रशासन ने इस आदेश को अदालत के सामने रखा। साथ ही अपील की कि मेहुल चोकसी की याचिकाएं खारिज कर उसे भारत भेज दिया जाए।  सरकार का ये आदेश मेहुल चोकसी के लिए झटका है और साथ ही अगवा करने वाली थ्योरी पर भी चोट पहुंचाता है।
 

भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी एंटीगुआ से लापता हो गया था। बाद में वह क्यूबा भागते वक्त रास्ते में ही डोमिनिका में पकड़ा गया। मेहुल चोकसी के पास एंटीगुआ की नागरिकता है। मेहुल चोकसी की करतूतों से परेशान एंटीगुआ की सरकार ने डोमिनिका से उसे सीधे भारत को सौंपने का अनुरोध किया था। लेकिन इससे पहले डोमिनिका की एक अदालत ने चोकसी के प्रत्यर्पण पर रोक लगा दी है। वहीं अब डोमिनिका सरकार के 25 मई के आदेश के बाद मेहुल के भारत आने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।

बता दें कि मेहुल चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक से कथित तौर पर 13,500 करोड़ रुपये की जालसाजी की थी। नीरव मोदी अभी लंदन की एक जेल में है और अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ मुकदमा लड़ रहा है। चोकसी ने निवेश द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के कार्यक्रम का इस्तेमाल करते हुए वर्ष 2017 में एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली थी और जनवरी 2018 के पहले सप्ताह में भारत से फरार होकर वहां चला गया था। बैंक से जालसाजी का मामला बाद में सामने आया था। चोकसी और नीरव दोनों सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं।

By anita

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