उत्तर पश्चिम पाकिस्तान में एक मुफ्ती (धर्मगुरु) को नोबल पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफजई को शादी पर उनकी हालिया टिप्पणी को लेकर धमकाने और लोगों को उनपर हमला करने के लिए उकसाने के आरोप में आतंकवाद निरोधी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।

डॉन अखबार ने बृहस्पतिवार को लक्की मारवत जिला पुलिस दफ्तर के हवाले से खबर दी कि पुलिस ने खैबर पख्तूनख्वा के मुफ्ती सरदार अली हक्कानी के घर पर छापा मारा और बुधवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। खबर के मुताबिक, एसएचओ (थाना प्रभारी) वसीम सज्जाद की शिकायत पर उनके खिलाफ आंतकवाद रोधी कानून तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्राथमिकी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मुफ्ती सरदार पेशावर में लोगों को कानून अपने हाथ में लेने और यूसुफजई पर हमला करने के लिए उकसा रहे हैं। खबर में बताया गया है कि जब घटना हुई तब वह हथियार से लैस थे।

प्राथमिकी में उनके हवाले से कहा गया है कि जब मलाला पाकिस्तान आएंगी तो मैं उनपर आत्मघाती हमला करने वाला पहला शख्स होऊंगा। शिकायत में कहा गया है कि भाषण से शांति के लिए खतरा पैदा हो सकता था और इसमें अराजकता के लिए भड़काया गया था।

वोग पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में 23 वर्षीय यूसुफजई ने कहा कि उन्हें पक्के तौर पर नहीं पता कि वह कभी शादी करेंगी भी। पाकिस्तानी कार्यकर्ता यूसुफजई के सिर में 2012 में गोली मारी गई थी।

उन्होंने कहा कि मुझे अब भी समझ में नहीं आता कि लोगों को शादी क्यों करनी पड़ती है। अगर आप अपने जीवन में एक व्यक्ति चाहते हैं, तो आपको शादी के कागजात पर हस्ताक्षर करने की क्या जरूरत है, यह सिर्फ एक साझेदारी क्यों नहीं हो सकती?

By anita

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