कानपुरकानपुर में पिछले कई दशकों से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के मैदान बनाए जाने के मांग उठ रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी और टेनिस का क्रेज बढ़ा है। गांव के युवओं के पास खेल का मैदान नहीं है, उन्हें जहां भी जगह मिली वहीं खेलने लगे। खेल के मैदान और सुविधाएं नहीं होने के कारण युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पाते थे। अब पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में मरनेगा के तहत खेल के मैदान बनवाएगा। मैदान तैयार होने के बाद युवा कल्याण विभाग को सौंपे जाएंगे|

कानपुर के 69 गांवों में खेल के मैदान बनाने की योजना है। जिसमें से 30 गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मैदान बनाने का कार्य शुरू भी कर दिया गया है। जब ये मैदान बनकर तैयार हो जाएंगे तो युवाओं को मंगल दल की टोली हॉकी, फुटबाल समेत खेल का सामान उपलब्ध कराएगी।

खेलेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडियाा-ग्रामीण क्षेत्रों में अब खेल के मैदान नहीं बचे हैं। गांव के युवक इस स्थिति में प्राथमिक स्कूलों के मैदान या फिर अन्य किसी कॉलेज की फील्ड में खेलते हैं। कभी-कभी दूसरे की जमीन में खेलने को लेकर विवाद भी हो जाता है। इस समस्या को देखते हुए गांव-गांव में खेल के मैदान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। खेलेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया के स्लोगन को ध्यान में रखते हुए पतारा, शेरपुर बेरा, भीतरगांव, शादीपुर, गोपालपुर समेत 30 गांव में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।

मिलेगी किट-युवा कल्याण विभाग विभिन्न खेलों की किट उपलब्ध कराता था। युवक मंगलदल की टोली को युवा कल्याण विभाग खेलों की किट देगा। खेल के मैदान बनकर तैयार हो जाएंगे तो इनका शुभारंभ स्थानीय प्रतिनिधियों से कराया जाएगा। पंचायती राज अधिकारी कमल किशोर का कहना है कि इस काम को तेजी किया जाएगा।

By anita

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