केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान की नई वेबसाइट की शुरुआत की। इस वेबसाइट में 108 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय भाषाएं शामिल की गईं हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने पर्यटन मंत्रालय के प्रतिष्ठित कार्यक्रर्मों में से एक, अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम के संचार संगोष्ठी का वर्चुअल उद्घाटन किया।इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने जल आधारित साहसिक पर्यटन (एटलस) और पौधरोपण कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया।

अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम में 2,230 प्रतिभागी ले रहे भाग

अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम में 2,230 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं और 7,546 प्रतिभागी पंजीकृत हैं। इस कार्यक्रम में पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविन्द सिंह, संयुक्त सचिव राकेश वर्मा, एडीजी रूपिन्दर बरार और आर्थिक सलाहकार ज्ञान भूषण भी शामिल हुए। पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ‘अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता प्रमाणन कार्यक्रम’ की प्रशंसा की और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

सितम्बर, 2002 में हुई थी अतुल्य भारत अभियान की शुरुआत

भारतीय पर्यटन विभाग ने अतुल्य भारत अभियान की शुरुआत सबसे पहले साल 2002 के सितम्बर में की थी। इसके बाद पर्यटन मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान अतुल्य भारत 2.0 अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य विशिष्ट प्रचार योजनाओं के माध्यम से विरासत स्थलों की प्रसिद्धि का प्रचार-प्रसार करना है। इसके परिणामस्वरूप यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धी सूचकांक 2019 में भारत ने 4 रैंक का सुधार करते हुए 34वां स्थान प्राप्त किया था।

पर्यटन मंत्रालय के अन्तर्गत आता है भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान

भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) पर्यटन मंत्रालय के अन्तर्गत एक स्वायत्त संस्था है। इसके केंद्र ग्वालियर, भुवनेश्वर, नोएडा, नेल्लोर, गोवा आदि में स्थित है। इसका कार्य पर्यटन, यात्रा और अन्य संबंधित क्षेत्रों के प्रबंधन में प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान हेतु पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना है। इसकी स्थापना 1983 में हुई थी।

कोविड महामारी के कारण पर्यटन हुआ बुरी तरह प्रभावित

कोविड महामारी के कारण अर्थव्यवस्था का शायद ही कोई क्षेत्र ऐसा हो जो इससे प्रभावित न हुआ हो। इन क्षेत्रों में यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र सबसे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं । भारतीय उद्योग परिसंघ ने इसे सबसे बुरे संकटों में से एक बताया था। इससे न केवल घरेलू पर्यटन उद्योग बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन उद्योग भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में भारत सरकार पर्यटन को वापस पटरी पर लाने की तैयारी में जुट गई है।

पर्यटन क्षेत्र में होगा नई ऊर्जा का संचार

पर्यटन मंत्री ने सभी को नव उन्नत वेबसाइट की बधाई दी। साथ ही लोगों से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा,”प्रकृति हमारी सबसे बडी संपत्ति है। आज लगाया गया पौधा, आने वाली पीढ़ी को जीने की एक नई राह देगा। हमें अपनी उन आवश्यकताओं को कम करना चाहिए, जो पर्यावरण में असंतुलन पैदा करती हैं।” साथ ही कहा कि इससे महामारी के बाद निश्चित ही पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होगा।

By anita

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