कानपुर कमिश्नरेट क्राइम ब्रांच की टीम ने खाने वाले नकली रंग की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके से फैक्ट्री संचालिका और मैनेजर को मौके से अरेस्ट किया है। इस फैक्ट्री में ब्रांडेड कंपनियो की पैकिंग में नकली रंग भर कर सप्लाई किया जाता था। फैक्ट्री में बनने वाला रंग यूपी के लखनऊ, मेरठ, आगरा, कानपुर देहात, बुंदेलखंड समेत बिहार, पंजाब, भेजा जाता था। फैक्ट्री संचालिका इससे बड़ा मुनाफा कमाती थीं।

जूही थाना क्षेत्र स्थित ओ ब्लॉक में नकली रंग फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। पुलिस ने फैक्ट्री संचालिका हटिया निवासी मिनाक्षी शर्मा और मैनेजर अजय शर्मा को अरेस्ट किया है। क्राइम ब्रांच ने मौके से पीला, नारंगी, हरा, केसरी रंग के पैकेट, रंगों से भरी बोरियां, दो मिक्सर, पैकिंग मशीन, ढ़क्कन, तराजू, केमिकल बरामद किया है। खाद्य विभाग की टीम ने रंगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। फैक्ट्री बिना किसी लाइसेंस के चल रही थी।

बिना रजिस्ट्रेशन फैक्ट्री का चल रही थी

क्राइम ब्रांच की टीम ने बीते शनिवार शाम छापेमारी की तो फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। पुलिस ने फैक्ट्री संचालिका मिनाक्षी शर्मा से खाद्य लाइसेंस मांगा तो नहीं दिखा सकीं। दरअसल मिनाक्षी के पति मनीश शर्मा के नाम से श्री श्याम इंडस्ट्रीज के नाम से फर्म रजिर्स्टड है। मिनाक्षी शर्मा इसी रजिस्ट्रेशन से सांवरिया इंडस्ट्रीज नाम से खाने वाला रंग बनाने का काम कर रहीं थी।

फैक्ट्री संचालिका ने दी सफाई

मिनाक्षी शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि कोरोना की वजह से फैक्ट्री का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे। हमारा रंग हानिकारक नहीं है, इसमें किसी तरह की मिलावट नहीं होती है। यह रंग पूरी तरह से सुरक्षित है, इसमें हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। जूही थाना प्रभारी संतोष आर्या का कहना है कि रिपार्ट दर्ज कार्रवाई विधिक कार्रवाई की जा रही है।

By anita

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