मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा का आज विदिशा के सिरोंज में अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ गई, इस दौरान लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। ना किसी ने मास्क पहना और ना ही कोई सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ। जबकि राज्य में कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अब भी राज्य में कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को राज्य में 1078 नए केस मिले। बावजूद इसके लोग नियमों को मानने को तैयार नहीं हैं। 

राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन लागू है, हालांकि इस दौरान कुछ छूटें दी गई हैं, लेकिन अंतिम संस्कार, श्राद्ध कार्यक्रमों के लिए निश्चित संख्या तय की गई है।  अंतिम संस्कार में सिर्फ 10 लोगों के शामिल होने की इजाजत है, लेकिन पूर्व मंत्री के अंतिम संस्कार के दौरान नियमों का पालन नहीं हुआ। हजारों की संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंच गए। वह भी बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के। नेता के अंतिम संस्कार में लोगों ने कोविड गाइडलाइन्स की ही धज्जियां उड़ा दीं।

कोविड के कारण भाजपा नेता का निधन
गौरतलब है कि भाजपा नेता लक्ष्मीकांत शर्मा पिछले कुछ समय से कोरोना पीड़ित थे। 11 मई को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लंबे इलाज के बाद मंगलवार की शाम उनका निधन हो गया। निधन पर नेताओं ने शोक व्यक्त किया। 

व्यापम घोटाले में जाना पड़ा था जेल
पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा सिरोंज लटेरी विधानसभा से तीन बार विधायक चुके गए थे।  1998, 2003 और 2008 में विधायक रहे, लेकिन 2013 के चुनाव में उन्हें यहां से हार का सामना करना पड़ा।  बता दें कि मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले के आरोप में पूर्व शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को 2014 में जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, जांच में उनके खिलाफ सबूत नहीं मिलने पर कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। 

By anita

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