तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार को दावा किया कि अभी हाल ही में सेवानिवृत्त हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को केन्द्र की ओर से भेजा गया कारण बताओ नोटिस ‘अवैध’ है। टीएमसी के सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (बी) के उल्लंघन के लिए भेजे गए नोटिस को ‘अमान्य बताते हुए कहा कि किसी प्रावधान के उल्लंघन का सवाल ही पैदा नहीं होता।

उन्होंने ट्वीट किया, बंगाल के पूर्व सचिव को भेजा गया कारण बताओ नोटिस सिरे से अमान्य है, क्योंकि उन्हें आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (ए) या (बी) के तहत कोई निर्देश जारी ही नहीं किया गया था। लिहाजा, उल्लंघन का सवाल ही नहीं पैदा होता। प्रतिशोध की ऐसी शर्मनाक हरकतें करना बंद कीजिए

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केन्द्र और ममता बनर्जी सरकार के बीच बंदोपाध्याय को लेकर जारी वाकयुद्ध के बीच उन्हें कठोर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया है। इस मामले में दोष सिद्ध होने पर उन्हें दो साल तक कैद की सजा हो सकती है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि बंदोपाध्याय को सेवानिवृत्ति से कुछ घंटे पहले, सोमवार को केंद्र सरकार के आदेश का पालन करने से इंकार करने की वजह से नोटिस जारी किया गया।

अधिकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के आदेश का पालन से इंकार करना आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51-बी का उल्लंघन होता है। मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि बंदोपाध्याय से तीन दिन के अंदर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। रॉय ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, नोटिस अवैध है। मुख्य सचिव के खिलाफ इस तरह आपदा प्रबंधन अधिनियम नहीं लगाया जा सकता।

हालांकि, पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने अनुशासन तोड़ने और नियमों के उल्लंघन के लिये बंदोपाध्याय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया, मैं प्राकृतिक आपदा और वैश्विक महामारी के समय में अनुशासन तोड़ने, नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के लिये पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता हूं।

By anita

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