दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा पहलवान सुशील कुमार को लेकर हरिद्वार पहुंची है। सागर धनकड़ की मौत के बाद सुशील कुमार फरार हो गया था जिसके बाद वह हरिद्वार भी पहुंचा था। यही वजह है कि पुलिस उसे यहां लेकर जांच के लिए पहुंची है।

जानकारी के अनुसार पुलिस यहां सुशील कुमार का मोबाइल भी बरामद करने की कोशिश करेगी। गौरतलब है कि गिरफ्तारी के इतने दिनों बाद भी सुशील का मोबाइल पुलिस के हाथ नहीं लगा है। इस मोबाइल के जरिए पुलिस कई बड़े राज तक पहुंचने और सुशील के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने की कोशिश करेगी जिससे उनका केस किसी भी तरह से कमजोर न पड़े।

सुशील ने अपने मोबाइल को तोड़ दिया था
दिल्ली पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी नाकामयाबी ये भी है कि अपराध शाखा इतने दिन बाद भी सुशील के मोबाइल को बरामद नहीं कर पाई है। सुशील ने पुलिस अधिकारियों को बताया है कि उसने वारदात के बाद मोबाइल को तोड़ दिया था और रास्ते में फेंक दिया था। सुशील पुलिस को ज्यादा कुछ नहीं बता रहा है। वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है।  

घटना की पूरी टाइमलाइन-
04 मई की देर रात को छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में पहलवानों के दो गुटों में झगड़ा हुआ। इसमें सुशील कुमार व उसके साथियों ने सागर धनकड़, सोनू और अमित को बुरी तरह पीटा, इलाज के दौरान सागर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
05 मई को पुलिस ने सुशील व अन्यों के खिलाफ दिल्ली के मॉडल टाउन थाने में गैर इरादतन हत्या के प्रयास, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, सरकारी आदेश का उल्लंघन, महामारी अधिनियम, ऑर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया, बाद में घायलों के बयान व सागर की मौत के बाद हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं और जोड़ ली गईं, एक आरोपी प्रिंस दलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
05 मई को ही सुशील अपने साथियों के साथ फरार हो गया, घटना के बाद से लगातार उसके मोबाइल भी बंद हो गए, पुलिस की टीमें उसकी तलाश कई राज्यों में करती रहींं।
07 मई को पुलिस ने हमले के दौरान दोनों घायल अमित व सोनू के आधिकारिक बयान दर्ज किए, दोनों ने सुशील और उसके बाकी साथियों पर हमला करने का आरोप लगाया।
09 मई को सुशील के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुशील व उसके साथियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया।
15 मई को दिल्ली की एक अदालत ने सुशील कुमार व अन्यों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।
17 मई को दिल्ली की एक अदालत में सुशील कुमार ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई।
17 मई को ही दिल्ली पुलिस ने सुशील कुमार पर एक लाख व उसके साथ अजय की गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया।
18 मई को अदालत ने अग्रिम याचिका की सुनवाई करते हुए सुशील की याचिका को खारिज कर दिया।
22 मई को सुशील कुमार के बठिंडा में सरेंडर करने की अफवाह चलती रही, लेकिन पुलिस अधिकारी उसे खारिज करते रहे।
23 मई को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सुशील और उसके साथ अजय उर्फ सुनील को दिल्ली के मुंडका से गिरफ्तार करने का दावा किया।

By anita

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