मुंबई में महाराष्ट्र सरकार के मंत्रालय में बम रखा होने की फर्जी सूचना देने के मामले में नागपुर के एक किसान को पकड़ा गया है। उसने रविवार को कॉल कर मंत्रालय में बम रखने का दावा किया था। इस पर मुंबई पुलिस ने इमारत की ताबड़तोड़ तलाशी ली लेकिन कुछ नहीं मिला।

मुंबई पुलिस ने एक बयान में बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर आपदा नियंत्रण कक्ष, मंत्रालय में एक अज्ञात व्यक्ति की कॉल आई, जिसमें दावा किया गया कि मंत्रालय (सचिवालय) में एक बम रखा गया है। बयान के मुताबिक, पुलिस के साथ बम खोज एवं निष्क्रिय दस्ता (बीडीडीएस) के कर्मी मौके पर पहुंच गए और खोज अभियान चलाया गया लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला और कॉल फर्जी साबित हुई।

बयान में कहा गया है कि मंत्रालय परिसर का तलाश अभियान पूरा हो गया है। कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली। इस बीच नागपुर ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फोन करने वाले शख्स का पता पूर्वी महाराष्ट्र के नागपुर में मिला और वह एक किसान है। नागपुर के पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी किसान की जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था लेकिन बार-बार आग्रह करने पर भी उसे मुआवजा नहीं दिया गया था, इस ओर प्रशासन का ध्यान दिलाने के लिए उसने कथित रूप से कॉल की थी।

दो घंटे में किसान को पकड़ लिया
अधिकारी ने बताया कि फर्जी कॉल करने के दो घंटे के भीतर किसान को हिरासत में ले लिया गया। उसने कॉल करने की बात कबूल की है और कहा कि वह अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे को लेकर लंबे समय से परेशान था। लेकिन उसकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं था। उसने सरकार और प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाने के लिए यह फोन कर दिया।

किसान की पहचान सागर मांढरे (40) के तौर पर हुई है। मांढरे के पास नागपुर जिले की उमरेड तहसील के मकरधोकडा इलाके में सात एकड़ जमीन थी। अधिकारी ने बताया, उसने उस जमीन का कुछ हिस्सा एक व्यक्ति को बेच दिया, जबकि कुछ हिस्सा वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) द्वारा 1997 में अधिग्रहित कर लिया गया था। किसान ने उमरेड पुलिस को बताया कि डब्ल्यूसीएल ने उसकी अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा जारी नहीं किया है।

इलाज के लिए पैसों की जरूरत
किसान ने दावा किया कि वह हड्डी की किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसे इलाज के लिए पैसों की जरूरत है। अधिकारी ने बताया कि मांढरे पहले भी कई बार गणतंत्र दिवस और स्वतंत्र दिवस पर आत्मदाह करने की धमकी दे चुका है।

By anita

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