करीब आठ माह बाद आज जीएसटी परिषद की बैठक हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 43वीं जीएसटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रही हैं। इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और केंद्र सरकार और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। इससे पिछली बैठक पांच अक्तूबर 2020 को हुई थी।

इसलिए अहम है जीएसटी परिषद की बैठक 
कोविड-19 की दूसरी लहर से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जनता पर महंगाई का बोझ भी बढ़ा है। ऐसे में वित्त मंत्री की अगुवाई में हो रही इस साल की पहली बैठक बेहद अहम है। इसमें कोविड महामारी से जुड़ी सामग्री जैसे- दवाइयों, टीकों और चिकित्सा उपकरणों पर कर की दर कम करने पर विचार किया जाएगा। 

हालांकि वित्त मंत्री ने इससे पहले कोविड संबंधी टीकों, दवाओं और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर को जीएसटी से छूट दिए जाने की मांग को एक तरह से खारिज करते हुए कहा था कि इस तरह की छूट दिए जाने से उपभोक्ताओं के लिए ये जीवनरक्षक सामग्री महंगी हो जाएगी क्योंकि इसके विनिर्माताओं को कच्चे माल पर दिए गए कर का लाभ नहीं मिल पाएगा।

राज्यों को 2.69 करोड़ उपलब्ध कराने पर चर्चा
कर की दरों पर विचार विमर्श के अलावा परिषद में राज्यों को अनुमानत: 2.69 लाख करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराने पर भी चर्चा होगी। वर्ष 2017 में जीएसटी व्यवस्था लागू करते समय राज्यों को वैट और अन्य कर लगाने के उनके अधिकार को छोड़ने पर राजी करते हुए उनके राजस्व नुकसान की भरपाई का वादा किया गया था। इसकी भरपाई के लिए 2.69 लाख करोड़ रुपये में से केंद्र को 1.58 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेना पड़ सकता है। केंद्र को उम्मीद है कि उपकर से 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि प्राप्त होगी। यह राशि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) क्रियान्वयन की वजह से राज्यों के राजस्व में आई कमी की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। 

अभी कितनी है टीके पर कर दर
वर्तमान में कोरोना टीके की घरेलू आपूर्ति और वाणिज्यिक तौर पर आयात पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगता है, जबकि कोविड दवाओं और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लागू है। 

By anita

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