देश के ज्यादातर राज्यों में लगे लॉकडाउन जैसी पाबंदियों की वजह से कोरोना के मामलों में लगातार कमी आ रही है. दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में कोरोना के मामलों में काफी कमी दर्ज की जा रही है. दिल्ली में तो एक समय 35 फीसदी को पार कर चुका पॉजिटिविटी रेट अब 2 फीसदी से नीचे आ गया है. इन सबके बीच केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 के मौजूदा दिशा-निर्देशों को 30 जून तक जारी रखने का आदेश दिया.

गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि जिन जिलों में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या अधिक है, वहां पर गहन एवं स्थानीय स्तर पर नियंत्रण के उपाय किए जाएं|

एक नए आदेश में, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करने से दक्षिण और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए और उपचाराधीन मामलों में गिरावट आई.

भल्ला ने कहा, ‘मैं इस बात पर प्रकाश डालना चाहूंगा कि गिरावट की प्रवृत्ति के बावजूद, वर्तमान में उपचाराधीन मामलों की संख्या अब भी बहुत अधिक है. लिहाज़ा यह अहम है कि नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू रखा जाए.’ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी अपने आदेश में केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि स्थानीय हालात, जरूरत और स्रोतों का आकलन करने के बाद राज्य और केंद्र शासित प्रदेश उचित समय पर चरणबद्ध तरीके से पाबंदियों में किसी तरह की रियायत देने पर विचार कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि मई महीने के लिए 29 अप्रैल को जारी किए गए दिशा-निर्देश 30 जून तक लागू रहेंगे. दिशा-निर्देशों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि ऑक्सीजन से लैस बिस्तर, आईसीयू बिस्तर, वेंटिलेटर, एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें और जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पतालों का निर्माण करें. इसी के साथ पर्याप्त पृथक केंद्रों की व्यवस्था भी रखें.

गृह मंत्रालय ने महामारी को देखते हुए जारी ताजा दिशा-निर्देशों में देश में कहीं भी लॉकडाउन लगाने के बारे में कुछ नहीं कहा है. देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में कुछ गिरावट और दिल्ली समेत देश के कुछ हिस्सों में बिस्तरों, आईसीयू और ऑक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति में सुधार के बीच कोविड-19 प्रबंधन के लिए ताजा दिशा-निर्देश आए हैं.

By anita

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