विद्युत मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश सरकार के एक संयुक्त उद्यम एसजेवीएन लिमिटेड ने हिमाचल प्रदेश के शिमला (रामपुर), किन्नौर, लाहौल स्पीति और हमीरपुर जिले में लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत से 4 ऑक्सीजन संयंत्र लगा रही है। इसके अलावा एसजेवीएन ने राज्य की पूरी आबादी का टीकाकरण करने के अपने प्रयासों के लिए सहायता के रूप में राज्य सरकार को लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत वाले कोल्ड चेन उपकरण प्रदान किए हैं।

हाल ही में एसजेवीएन ने आईजीएमसी को 50 सेमी फाउलर बेड उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न अस्पतालों में वेंटिलेटर, ऑक्सीमीटर, अन्य चिकित्सा उपकरण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने खरीदने के लिए 2 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए एसजेवीएन, कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई में काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को भी 1 करोड़ रुपये प्रदान कर मदद कर रही है। पिछले चार महीनों के दौरान महामारी से निपटने के लिए इन सभी गतिविधियों में लगभग 7.5 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया है।

इसके अलावा एसजेवीएन ने बिहार, उत्तराखंड और अन्य राज्यों, जहां यह मौजूद है, के अस्पतालों को वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसट्रेटर, ऑक्सीमीटर और अन्य चिकित्सा उपकरण भी प्रदान किए हैं।एसजेवीएन के कर्मचारियों ने कोरोना से निपटने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष / हिमाचल प्रदेश कोविड-19 एकजुटता प्रतिक्रिया निधि में एक दिन के वेतन के रूप में 45 लाख रुपये का योगदान दिया है।

कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए, एसजेवीएन ने अपने कर्मचारियों, ठेकेदारों के जरिए काम करने वाले व्यक्तियों और परियोजनाओं/कार्यालयों के आस-पास रहने वाले स्थानीय लोगों के टीकाकरण के लिए फोर्टिस अस्पताल के साथ अनुबंध किया है।

एसजेवीएन राष्ट्र और देशवासियों को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों से निपटने के लिए समाज और सरकार का समर्थन करने में हमेशा सबसे आगे रहा है। इसके अलावा एसजेवीएन उदारतापूर्वक जरूरतमंदों को भोजन और अन्य जरूरी वस्तुओं के वितरण के लिए भी सहायता प्रदान कर रही है साथ ही पीएम केयर्स फंड में भी 25 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया है।

By anita

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