केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनसुख लाल मंडाविया ने चक्रवात यास के मद्देनजर भारत के पूर्वी तट पर स्थित सभी प्रमुख बंदरगाहों की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रमुख बंदरगाहों के अध्यक्ष मौजूद थे।प्रमुख बंदरगाहों के अध्यक्षों ने चक्रवात के कारण उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए किए गए उपायों के बारे में जानकारी दी। बंदरगाहों पर निम्नलिखित उपाय किए जा रहे हैं:

■ पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में 24X7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, नौसेना, आईसीजी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष आपसी समन्वय में हैं।

■ पोत परिवहन कंपनियों और ऑपरेटरों को परामर्श जारी किया गया है, ताकि वे क्षेत्र में जहाजों के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय कर सकें।

■ हाई मास्ट लाइटों को अपनी ऊंचाई कम करने और विभिन्न उड़ने वाली वस्तुओं / सामग्रियों को सुरक्षित करने के निर्देश जारी किए गए।

■ बंदरगाह उपयोगकर्ताओं और कामगारों से संपूर्ण बंदरगाह परिचालन क्षेत्र खाली करवा लिया गया है।

■ सभी तट क्रेन, विभिन्न उपकरण/मशीनरी, परियोजना स्थलों पर सामान, लोकोमोटिव और रैक, हाई मास्ट लाइटों को कम करने आदि की सुरक्षा के लिए व्यवस्था की गई है।

■ बंदरगाह क्षेत्र में रेलवे, सड़क की आवाजाही को स्थगित करने के लिए कार्य योजना शुरू की गई है।

■ निजी क्राफ्ट/लॉन्च को सुरक्षित करने के निर्देश जारी किये गए हैं।

■ पोर्टेबल जेनरेटर सैट तैयार रखे गये हैं।

■ बंदरगाह एम्बुलेंस आवश्यकता होने पर उपयोग के लिए तैयार है।

■ हार्बर क्राफ्ट्स/लॉन्च/पर्यटक फेरी आदि जो बंदरगाह के अंदर रह गई है, उनकी सुरक्षा के लिए कार्रवाई की गई है।

■ बाहरी बंदरगाह क्षेत्रों में उपलब्ध जहाजों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की गई है।

आईडब्ल्यूएआई ने भी निम्नलिखित उपाय किए हैं:

1. भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूटों और राष्ट्रीय जलमार्गों में सभी प्रकार के जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए सभी आईडब्ल्यूटी बार्ज/क्रूज ऑपरेटरों/पोत परिवहन एजेंट/निर्यातकों को निर्देश जारी किए गए हैं। 23.05.2021 से लागू ये निर्देश, जब तक चेतावनी आधिकारिक रूप से वापस नहीं ले ली जाती तब तक लागू रहेंगे।

2. चक्रवाती तूफान के समाप्त होने तक चालक दल और जहाज़ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने जहाजों को नदियों / खाल / खाड़ियों या नदी के मार्गों के साथ उपयुक्त पाए जाने वाले किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी।

3. यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किया गया है कि आईडब्ल्यूटी जहाजों को केओपीटी मुख्य चैनल में लंगर नहीं डाला जाना चाहिए।

अपने संबोधन के अंत में, श्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि प्रमुख बंदरगाहों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बंदरगाह की संपत्ति को कम से कम नुकसान हो और चक्रवात यास में जान-माल का कम से कम नुकसान हो। बंदरगाहों को सलाह दी जाती है कि वे बंदरगाहों के आस-पास के क्षेत्रों में मौजूद नागरिकों की सहायता करें। बंदरगाह के अध्यक्षों ने चक्रवात यास से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए पूरी तत्परता का आश्वासन दिया।

By anita

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