कोरोना महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है। कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए सरकार टीकाकरण पर काफी जोर दे रही है, लेकिन अभी भी कई इलाकों में वैक्सीनेशन को लेकर लोगों के मन में डर बना हुआ है और वे वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। बिहार में छपरा के जिलाधिकारी ने एक अजब फरमान जारी किया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। जिलाधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि जो भी सरकारी कर्मचारी कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएगा, उसे अगले आदेश तक सैलरी नहीं दी जाएगी।

छपरा के जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सभी सरकारी कर्मचारी जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन लगवाकर इसकी सूचना कार्यालय में दें। साथ ही कहा गया कि जो लोग कोविड का टीका नहीं लगवाएं, उनका अगले आदेश तक के लिए वेतन रोक दिया जाएगा।  

इन कर्मचारियों की सामने खड़ी हुई समस्या
जिलाधिकारी के इस आदेश से उन कर्मचारियों के सामने नया संकट खड़ा हो गया, जो  18+ वालों में आते हैं। 18 से 45 साल के बीच के कर्मचारियों के लिए वैक्सीन का स्लॉट ही खाली नहीं मिल रहा है, ऐसे में वो लोग कहां वैक्सीन लगवाएं यह मुश्किल खड़ी हो गई है। इसके अलावा वो लोग भी परेशान हो रहे हैं, जो हाल ही में संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हुए हैं। इन लोगों को डॉक्टर ने एक माह बाद वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है। बता दें कि गर्भवती महिलाओं को भी वैक्सीन नहीं लगवाने की डॉक्टर ने सलाह दी है।इस आदेश से जिलेभर के करीब हजारों कर्मचारी प्रभावित होंगे।

दतिया के कलेक्टर ने भी जारी किया था फरमान
बता दें कि इससे एक दिन पहले मध्यप्रदेश में दतिया के कलेक्टर संजय कुमार ने भी ऐसा ही आदेश दिया था। कलेक्टर संजय कुमार ने सरकारी कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन अनिवार्य रूप से लगवाने के संबंध में आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि जो कर्मचारी वैक्सीन नहीं लगवाएगा, उसका मई महीने का वेतन जारी नहीं होगा। इसके लिए कर्मचारियों को 24 मई तक वैक्सीन लगवाना अनिवार्य होगा। 25 मई तक इसका सर्टीफिकेट वरिष्ठ अधिकारी को देना होगा।

By anita

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