बाइक चोरी के आरोप में गिरफ्तार एक युवक ने बुधवार को नगर पुलिस को चार घंटे तक छकाया। सुबह करीब साढ़े दस बजे पुलिस कस्टडी से भागकर  मास्टर नाला में घुसे इस युवक को पकड़ने के लिए नाको चने चबाने पड़े। हथकड़ी खोलकर फरार युवक को पकड़ने के लिए पुलिस को जेसीबी मशीन तक लानी पड़ी। इस दौरान कई जगहों पर नाला तोड़ा गया लेकिन पुलिस डाल-डाल तो युवक पात-पात का ड्रामा करता रहा। 

खुद सदर एसडीपीओ पुष्कर कुमार व नगर थानेदार युवक को पकड़ने के लिए मोर्चा संभाले हुए थे। हालांकि चार घंटे की मशक्कत के बाद करीब ढाई बजे पुलिस ने उसे दबोच लिया। चार घंटे का यह नजारा पूरी तरह फिल्मी रहा। पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी भीड़ लगी रही। नगर थानेदार ने बताया कि  बाइक चोरी के एक मामले में खरैया बस्ती के शहंशाह नामक युवक को गिरफ्तार किया गया था। जरूरी कार्रवाई के बाद बाद  बुधवार को उसे पुलिस अपनी कस्टडी  में कोर्ट ले जा रही थी। लेकिन कोर्ट पहुंचने से पहले ही  शहंशाह हथकड़ी खोलकर भाग फरार हो गया। आगे-आगे युवक पीछे-पीछे पुलिस और सबसे पीछे लोगों का हुजूम। 

पुलिस को पीछा करता देख आरोपी युवक बांस की झाड़ी होते हुए शहर की पानी निकासी के लिए बनाए गए मास्टर नाला में घुस गया। पुलिस को जैसे ही जानकारी मिली कि युवक नाले के भीतर है तो उसके पकड़ने के लिए दो चौकीदार को अंदर भेजा। लेकिन दम घुटने के कारण चौकीदार कुछ देर बाद ही बाहर निकल आया। इस दौरान युवक नाले के अंदर ही छिपा रहा। इसके बाद पुलिस ने नाला को तोड़ने के लिए जेसीबी मशीन मंगायी। हर सौ मीटर की दूरी पर नाला को तोड़ा गया। लेकिन नाला तोड़ने के साथ ही चोर भी आगे बढ़ जाता।  

पुलिस को चांदनी चौक तक आधा दर्जन से अधिक जगहों पर नाला को तोड़वाना पड़ा। लेकिन युवक पुलिस  पकड़ में नहीं आ रहा था। हद तो तब हो गई जब नाला तुड़वाते हुए पुलिस आगे निकल गई, लेकिन चोर नगर परिषद के निकट एक खम्भे के पास प्लास्टिक ओढ़कर एक जगह छिपकर बैठ गया। पुलिस को जब प्लास्टिक से ढका कुछ चीज दिखा तो उसे बाहर निकाला गया।

मलबे में तब्दील हुए सवा करोड़ का नाला
मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद की ओर से सवा करोड़ की लागत से एक साल पहले ही इस मास्टर नाला का निर्माण कराया गया था। ताकि शहर से जल की निकासी भली भांति हो सके। लेकिन एक चोर के कारण नव निर्मित नाले को आधा दर्जन से अधिक जगहों पर तोड़ना पड़ा। अब इस नाले की मरम्मत के लिए नगर प्रशासन को हजारों की लागत आएगी। इसका वहन कौन करेगा

आरोपी युवक पूर्व से कई मामलों में आरोपी रहा है। गिरफ्तारी के बाद जब उससे पूछताछ की गई तो वह कई बाइक चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। अच्छा हुआ काफी मशक्कत के बाद ही सही लेकिन आरोपी युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। अन्यथा  कई पुलिस कर्मियों को कार्रवाई की जद में आना पड़ता।  

By anita

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