कोरोना मरीजों की देखभाल करते हुए अपने लाडलों की याद सताती है, फिकर भी होती है और डर भी लगता है, लेकिन ये सुपरहीरो मांएं अपनी ममता को अपने फर्ज के आड़े नहीं आने देती हैं। आज मातृ दिवस के अवसर पर हम ऐसी ही कुछ मांओं की कहानियां बताते हैं, जो इस मुश्किल वक्त में अपने दायित्वों को बखूबी निभा रहीं हैं। 

नई दिल्ली, घर में अपने कलेजे के टुकड़ों को छोड़कर कई-कई घंटों तक कोरोना मरीजों की तीमारदारी में लगीं रहतीं हैं। कोरोना मरीजों की देखभाल करते हुए अपने लाडलों की याद सताती है, फिकर भी होती है और डर भी लगता है, लेकिन ये सुपरहीरो मांएं अपनी ममता को अपने फर्ज के आड़े नहीं आने देती हैं। आज मातृ दिवस के अवसर पर हम ऐसी ही कुछ मांओं की कहानियां बताते हैं, जो इस मुश्किल वक्त में अपने दायित्वों को बखूबी निभा रहीं हैं।

देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर की मार से कराह रहा है। इस मुश्किल वक्त में हर देशवासी अपने-अपने स्तर पर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। डॉक्टर, नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी बाकी लोगों की अपेक्षा थोड़ी अधिक है। कोविड मरीजों के आसपास रहने के चलते इनके संक्रमित होने का खतरा भी अधिक है। ऐसी स्थिति में वे महिला डॉक्टर और नर्सें जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनकी बहादुरी को सलाम करना बनता है। 

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